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Fri. Jan 23rd, 2026

श्रीनगर में शुरू हुआ बैकुंठ चतुर्दशी मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां..

श्रीनगर में शुरू हुआ बैकुंठ चतुर्दशी मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां..

 

 

 

उत्तराखंड: श्रीनगर गढ़वाल में चार से 10 नवंबर तक आयोजित होने वाले बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी 2025 का भव्य आगाज हुआ। मेले का उद्घाटन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। सीएम ने प्रदेशवासियों को बैकुंठ चतुर्दशी मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मेला न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय शिल्प, परंपराओं और जनभागीदारी को भी नई पहचान देता है। वहीं, मेले की संरक्षक जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया, नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद जीजीआईसी श्रीनगर की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शिव वंदना और पारंपरिक छोलिया नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। मेले में इस वर्ष विकास प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयं सहायता समूहों, और स्थानीय उद्यमियों द्वारा अपनी उपलब्धियों व योजनाओं की झलक प्रदर्शित की जा रही है।

साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन, झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की पहचान है, जो स्थानीय संस्कृति, परंपरा और लोककला को बढ़ावा देने का माध्यम बनता है। वहीं मेयर आरती भंडारी ने कहा कि मेले के आयोजन से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय कलाकारों और कारीगरों के लिए भी एक बड़ा मंच सिद्ध होगा। यह मेला 10 नवंबर तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्याएं, स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और विकास प्रदर्शनी के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेला परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सुसज्जित किया गया है, जिससे पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग गया है। इस मौके पर सीएम ने महापौर के अनुरोध पर श्रीनगर को सोलर सीटी बनाने के लिए कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को सभी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध करवाने को कहा। कहा कि प्रस्तावों के परीक्षण के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। अब रात्रि को कमलेश्वर महादेव मंदिर में संतान प्राप्ति के लिए नि: संतान दंपत्तियों द्वारा खड़ा दीया अनुष्ठान किया जाएगा।

 

 

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