अर्धकुंभ को देखते हुए हरिद्वार रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, 460 करोड़ की बड़ी परियोजना को मंजूरी..
उत्तराखंड: मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाला हरिद्वार रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक और यात्री दबाव वाले स्टेशनों में शामिल है। सालभर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, वहीं कुंभ, अर्धकुंभ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन स्टेशन की सुविधाओं को आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर काम करने जा रहा है।मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव ने कहा कि हरिद्वार स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। आगामी अर्धकुंभ मेले को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राज्य सरकार के सहयोग से हरिद्वार रेलवे स्टेशन का व्यापक स्तर पर सुंदरीकरण और कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर करीब 460 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
योजना के तहत स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया में आधुनिक होल्डिंग एरिया विकसित किया जाएगा, ताकि अत्यधिक भीड़ के समय यात्रियों को नियंत्रित किया जा सके। इस होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीड़ के दौरान भी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और स्टेशन पर सुचारू संचालन बना रहे। वहीं, होली पर्व को देखते हुए पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकटों की बढ़ती मांग पर भी रेलवे प्रशासन नजर बनाए हुए है। कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए मारामारी की स्थिति को देखते हुए त्योहार स्पेशल ट्रेनों के संचालन पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक स्तर से ट्रेनों की आरक्षण स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकें। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में हरिद्वार रेलवे स्टेशन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि यात्री सुविधाओं के लिहाज से भी एक आधुनिक और सुव्यवस्थित स्टेशन के रूप में विकसित होगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिल सकेगा।

