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Fri. Jan 23rd, 2026

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां तेज, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और स्वच्छता पर लिए गए बड़े फैसले..

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां तेज, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और स्वच्छता पर लिए गए बड़े फैसले..

 

 

 

 

उत्तराखंड: आगामी केदारनाथ धाम यात्रा के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कई विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, केदारनाथ विधायक, घोड़ा-खच्चर यूनियन, डंडी-कंडी यूनियन के प्रतिनिधि सहित ऊखीमठ, गुप्तकाशी और केदारनाथ नगर पंचायत के अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे। केदारनाथ धाम यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों, आवश्यक व्यवस्थाओं, विभागीय दायित्वों, बीकेटीसी, हक-हकूकधारियों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग को यात्रा शुरू होने से पहले भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में समय रहते ट्रीटमेंट कार्य पूरा करने और जहां आवश्यक हो वहां रूट डायवर्जन की स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु जिस गहरी आस्था और भाव के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, उन्हें उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ दर्शन कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

पार्किंग व्यवस्था पर विशेष फोकस, स्थानीय समूहों को मिलेगा लाभ..

बैठक में यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने पर विशेष चर्चा की गई। जिन स्थानों पर स्थानीय महिला समूहों द्वारा पार्किंग का संचालन किया जा रहा है, वहां पार्किंग से होने वाली आय का 50 प्रतिशत स्थानीय समूहों और 50 प्रतिशत प्राधिकरण को दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे स्थानीय महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ व्यवस्था भी बेहतर होगी। इसके अतिरिक्त गौरीकुंड में श्रद्धालुओं के लिए महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग स्नान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ स्वच्छता और सुविधा बनी रहे।

डंडी-कंडी संचालन के लिए समिति गठित..

आगामी यात्रा में डंडी-कंडी संचालन से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। सभी डंडी-कंडी संचालकों का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस समिति में संबंधित थाना प्रभारी, समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। समिति द्वारा डंडी-कंडी पर्ची काउंटरों के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालकों को प्राथमिकता..

घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चर यात्रा मार्ग में शामिल न हो सकें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पंजीकरण में जनपद के स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालकों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग को सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा सके।

सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन पर सख्ती..

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने पुलिस विभाग को यात्रा मार्ग और पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, मोबाइल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक सुलभ शौचालय में सफाई कर्मियों की तैनाती और महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। ठंड से बचाव के लिए घोड़ा पड़ावों, रेन शेल्टर और अन्य प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

मांस और शराब पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध..

बैठक में पिछले वर्ष की भांति सोनप्रयाग से ऊपर क्षेत्र में मांस, शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने पर भी चर्चा हुई। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों और स्टेकहोल्डर्स से अपील की कि वे आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि केदारनाथ धाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बन सके।

 

 

 

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