यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में रिकॉर्ड उछाल, रोजाना 1400 से अधिक आवेदन..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिल रही है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 60 से 70 आवेदन ही सामने आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 1400 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए तय 15 दिनों की अवधि के भीतर अब अधिकतर मामलों में महज पांच दिन के अंदर ही प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। यूसीसी लागू होने से पहले विवाह पंजीकरण के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे और प्रमाणपत्र मिलने की कोई निश्चित समयसीमा भी तय नहीं थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और फेसलेस हो चुकी है, जिससे आम नागरिकों का समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं। इस संबंध में गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि यूसीसी के तहत अब तक पांच लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदन आने के बावजूद निजता के उल्लंघन की एक भी शिकायत सामने नहीं आई है। यूसीसी के तहत नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधान किए गए हैं।
गृह सचिव के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रणाली इस तरह डिजाइन की गई है कि प्रक्रिया पूरी तरह फेसलेस रहती है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित अधिकारी भी आवेदक की निजी जानकारी नहीं देख सकता। आवेदन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों तक केवल आवेदक की ही पहुंच होती है, वह भी सुरक्षित वेरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए। यही वजह है कि बीते एक वर्ष में निजता से जुड़ा कोई विवाद या शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यूसीसी पोर्टल के माध्यम से अब विवाह पंजीकरण के साथ-साथ विवाह विच्छेद, वसीयत पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण और लिव-इन संबंध समाप्त करने जैसी सेवाओं का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। औसतन पांच दिन में प्रमाणपत्र मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी बढ़ी है।
23 भाषाओं में उपलब्ध हैं यूसीसी की सेवाएं..
यूसीसी की सेवाओं को आम जनता तक आसानी से पहुंचाने के लिए इन्हें अंग्रेजी सहित संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। आईटीडीए द्वारा तैयार की गई यूसीसी वेबसाइट पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली है, ताकि कोई भी नागरिक स्वयं ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सके। इसके अलावा, एआई आधारित सहायता से आवेदक पूरी प्रक्रिया को समझते हुए घर बैठे पंजीकरण कर सकता है। वेबसाइट असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, सिंधी, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली, मणिपुरी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है।
यूसीसी के आंकड़े..
यूसीसी लागू होने के बाद एक वर्ष से भी कम समय में सोमवार, 19 जनवरी 2026 की दोपहर तक कुल 4,74,447 विवाह पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1400 विवाह पंजीकरण किए जा रहे हैं, जबकि पुराने कानून के तहत यह संख्या केवल 67 प्रतिदिन थी। इसी अवधि में 316 लोगों ने विवाह विच्छेद, 68 ने लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण और दो लोगों ने लिव-इन संबंध समाप्त करने का प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त किया है।

