दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर हुआ महंगा, आज से शुरू हुआ नया टोल सिस्टम..
उत्तराखंड: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। एक्सप्रेसवे पर आज से नए टोल टैक्स सिस्टम की शुरुआत कर दी गई है। इसके साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब हाईटेक निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ने पर ई-चालान सीधे वाहन मालिक के पते तक पहुंच जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पिछले कई दिनों से टोल व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। मंगलवार को भी अधिकारी तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे। अब एक्सप्रेसवे पर काठा और टटीरी टोल प्लाजा पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां से गुजरने वाले वाहनों से निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दिल्ली से देहरादून तक सफर करने वाले यात्रियों को संभावित रूप से करीब 675 रुपये तक का टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है। हालांकि यह शुल्क वाहन की श्रेणी और यात्रा दूरी के अनुसार अलग-अलग होगा। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की गति सीमा भी तय कर दी गई है। कारों के लिए अधिकतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि बसों के लिए 90 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ते ही ऑटोमैटिक ई-चालान जारी कर दिया जाएगा।
टोल दरों की बात करें तो काठा टोल प्लाजा से सहारनपुर तक छोटे वाहनों के लिए सिंगल जर्नी का शुल्क 190 रुपये रखा गया है, जबकि रिटर्न जर्नी के लिए 285 रुपये देने होंगे। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए सिंगल यात्रा 310 रुपये और रिटर्न 460 रुपये तय की गई है। वहीं बस और ट्रक श्रेणी के वाहनों के लिए सिंगल जर्नी 645 रुपये तथा रिटर्न यात्रा के लिए 970 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बड़े भारी वाहनों को सिंगल यात्रा के लिए 1235 रुपये और रिटर्न यात्रा के लिए 1835 रुपये तक चुकाने होंगे। गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को किया गया था। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और उत्तराखंड के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं अब टोल और ई-चालान व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को नियमों का पालन करते हुए सफर करना होगा।

