कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, पैदल मार्गों पर लगाए जाएंगे संकेतक..
उत्तराखंड: कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का काम तेज कर दिया गया है। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को रेलवे स्टेशन व रोडवेज तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए पैदल मार्ग और फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं। करीब 65 लाख रुपये की लागत से इन पहुंच मार्गों को बेहतर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। योजना के तहत रेलवे और रोडवेज की ओर जाने वाले मार्गों पर फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। इन रास्तों को अलग-अलग दिशाओं से विकसित करने का उद्देश्य पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना है। मेला प्रशासन के मुताबिक संबंधित कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण पैदल और वाहन दोनों तरह की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे स्टेशन और रोडवेज जैसे प्रमुख यातायात केंद्रों तक बेहतर पैदल कनेक्टिविटी को भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
समय सीमा में पूरे होंगे विकास कार्य
कुंभ की तैयारियों को लेकर हाल ही में गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं में समयबद्धता बनाए रखने और निर्धारित अवधि में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने विभागों को अपने-अपने कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने को कहा है। साथ ही जिन परियोजनाओं में समय कम होने के कारण तेजी की जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
दो पुलों के निर्माण को भी मंजूरी
कुंभ मेले के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलों से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। हरिद्वार की सूखी नदी पर डबल लेन पुल के निर्माण के लिए शहरी विकास विभाग को धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही मायापुर स्क्रैप चैनल क्षेत्र में दक्षद्वीप और बैरागी कैंप को जोड़ने वाले पुल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं से मेला क्षेत्र में आवाजाही को सुगम बनाने और यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अतिक्रमण हटाने का काम भी जारी
कुंभ मेला क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से विभिन्न विकास कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि मेले से पहले प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक सुविधाओं को तैयार किया जा सके। मेला प्रशासन का जोर श्रद्धालुओं की आवाजाही, पैदल मार्ग, यातायात व्यवस्था और प्रमुख संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने पर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे और रोडवेज सहित प्रमुख स्थानों तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

