सिरासू में पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार, स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार..
उत्तराखंड: यमकेश्वर ब्लॉक के सिरासू क्षेत्र को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। यहां पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने के साथ राफ्टिंग, बोटिंग, होमस्टे और अन्य पर्यटन गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके जरिए स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने क्षेत्र का दौरा कर विकास कार्यों और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।प्रशासन की योजना सिरासू में पर्यटन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने की है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय लोगों की आमदनी के अवसर बढ़ें। जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जा चुकी है। इसमें दुकानें, वाटर पार्क, चिल्ड्रन पार्क और कॉटेज सहित कई सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव शामिल हैं।
पार्किंग से लेकर बच्चों के पार्क तक सुधरेंगी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के पार्क में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने यहां आकर्षक झूले और सेल्फी पॉइंट विकसित करने के साथ बिजली, शौचालय और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए टिहरी जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को भी कहा गया। पार्क का विकास ग्राम पंचायत के माध्यम से कराने और बच्चों के खेल मैदान को ग्राम पंचायत तथा मनरेगा के सहयोग से तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में परिवारों और बच्चों के लिए भी आकर्षक पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
राफ्टिंग और बोटिंग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
सिरासू में पर्यटन गतिविधियों का दायरा बढ़ाने के लिए राफ्टिंग और बोटिंग की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को संभावित स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा दुकानों के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने और बोटिंग के लिए उपयुक्त क्षेत्र चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। इन गतिविधियों को शुरू करने से पहले संबंधित नियमों और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होने से क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
महिलाओं को प्रशिक्षण, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय महिलाओं और युवतियों से बातचीत कर उनके रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़े सुझाव भी सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नवंबर से फोटोग्राफी, कैटरिंग और मेकअप आर्टिस्ट के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए होटल संचालकों और फोटोग्राफरों के साथ संपर्क स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में होमस्टे और ब्यूटी पार्लर खोलने की इच्छा जताई। इस पर जिलाधिकारी ने इच्छुक लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन देने, उपयुक्त स्थान चिह्नित करने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। होमस्टे स्थापित करने के इच्छुक लोगों को 10 नवंबर से पहले आवेदन करने के निर्देश भी दिए गए। क्षेत्र में कैंटीन विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। सिरासू की ग्राम पंचायत ने गांव को प्री-वेडिंग फोटोशूट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया है। इससे क्षेत्र में फोटोग्राफी से जुड़ी गतिविधियां बढ़ी हैं और स्थानीय लोगों को कमाई के अवसर मिलने लगे हैं। हालांकि, यहां आने वाले कई लोग शूटिंग के बाद रात में नहीं रुकते, जिससे स्थानीय कारोबार को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने पर्यटकों के ठहरने और अन्य सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया। बेहतर व्यवस्थाएं विकसित होने से पर्यटकों का प्रवास बढ़ने और स्थानीय दुकानदारों, होमस्टे संचालकों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्वच्छता और वन्यजीवों से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक की समस्या भी उठाई, जिस पर वन विभाग के साथ समन्वय कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय शांति निकेतन का भी दौरा किया और वहां मौजूद पर्यटकों से बातचीत कर क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन का जोर सिरासू को ऐसा पर्यटन स्थल बनाने पर है, जहां बेहतर सुविधाओं के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी बढ़े और पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ गांव के लोगों तक पहुंचे।

