उत्तराखंड BJP की चुनावी तैयारी तेज, हर विधानसभा में प्रभारी तैनात कर संगठन को किया सक्रिय..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। इसके साथ ही बूथ स्तर तक संगठन की गतिविधियों को गति देने के लिए विस्तारक योजना के तहत प्रदेश संयोजक और सह-संयोजकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के निर्देश पर ये नियुक्तियां की गई हैं। प्रदेश महामंत्री दीप्ति भारद्वाज के मुताबिक, नवनियुक्त प्रभारी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगे। पार्टी की रणनीति है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय कर लिया जाए, ताकि चुनाव के दौरान तय कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
विस्तारक योजना के लिए प्रदेश टोली गठित
विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति के साथ भाजपा ने विस्तारक योजना को भी गति दी है। प्रदेश मंत्री नलिन भट्ट को इस योजना का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। वहीं दिनेश खुल्बे, अखिलेश डबराल, विक्रम कंडारी, त्रिलोक सिंह बुटोला और मोहित कौशिक को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के तहत 70 पूर्णकालिक कार्यकर्ता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में रहकर संगठन के कामकाज को मजबूत करेंगे। उनकी जिम्मेदारी बूथ समितियों के साथ समन्वय स्थापित करने, पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की होगी।
काशीपुर में दो दिवसीय कार्यशाला
विस्तारक योजना को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा 13 और 14 अक्टूबर को काशीपुर में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित करेगी। इसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों के विस्तारकों और प्रभारियों को संगठनात्मक कामकाज और चुनावी तैयारियों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के अनुसार, कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में पार्टी के वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन करेंगे। इसमें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा के शामिल होने का कार्यक्रम है। कार्यशाला में बूथ समितियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और क्षेत्रवार कार्ययोजना जैसे विषयों पर चर्चा होगी। प्रशिक्षण के बाद विस्तारक अपने निर्धारित विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास कर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
गढ़वाल से कुमाऊं तक बांटी गई जिम्मेदारी
भाजपा ने प्रदेश के दोनों मंडलों में विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति की है। गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी समेत विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां तय की गई हैं। कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा, रानीखेत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, काशीपुर और ऊधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी प्रभारी घोषित किए गए हैं।
उत्तरकाशी जिले में पुरोला, यमुनोत्री और गंगोत्री विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी क्रमशः डॉ. मनवीर सिंह विधाणा, जगत सिंह चौहान और जगमोहन चंद को दी गई है। चमोली जिले में बदरीनाथ के लिए रामचंद्र गौड़, थराली के लिए विनोद नेगी और कर्णप्रयाग के लिए ऋषि प्रसाद सती को प्रभारी बनाया गया है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ की जिम्मेदारी वाचस्पति सेमवाल और रुद्रप्रयाग सीट की जिम्मेदारी समीर मिश्रा को सौंपी गई है। टिहरी जिले में घनसाली, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, टिहरी और धनोल्टी विधानसभा क्षेत्रों के लिए राजेंद्र जुयाल, चंद्र किशोर मैठाणी, खेम सिंह चौहान, जोत सिंह बिष्ट, सते सिंह राणा और सीताराम भट्ट को जिम्मेदारी मिली है। देहरादून जिले में चकराता के लिए बचन सिंह पंवार, विकासनगर के लिए आशीष रावत और सहसपुर के लिए मधु भट्ट को प्रभारी बनाया गया है। महानगर क्षेत्र की धर्मपुर सीट पर अरुण मित्तल, रायपुर पर ओपी कुलश्रेष्ठ, राजपुर रोड पर अभिषेक शाही, देहरादून कैंट पर भुवन विक्रम डबराल और मसूरी सीट पर विनय गोयल को जिम्मेदारी दी गई है। डोईवाला में अनुराधा वालिया और ऋषिकेश में रविंद्र वाल्मीकि को प्रभारी नियुक्त किया गया है।
हरिद्वार जिले में हरिद्वार, रानीपुर, ज्वालापुर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण सीटों की जिम्मेदारी गोविंद अग्रवाल, शोभाराम प्रजापति, महेंद्र काला, नितिन गौतम और विशाल गुप्ता को सौंपी गई है। रुड़की क्षेत्र में भगवानपुर के लिए हरजीत सिंह, झबरेड़ा के लिए सुशील चौहान, पिरान कलियर के लिए अजय टांक, रुड़की के लिए संदीप गोयल, खानपुर के लिए डॉ. जयपाल चौहान और मंगलौर के लिए श्यामवीर सैनी को प्रभारी बनाया गया है। पौड़ी जिले में पौड़ी, श्रीनगर और चौबट्टाखाल के लिए मेहरबान सिंह रावत, विजय कपरवाण और दर्शन दानू को जिम्मेदारी मिली है। कोटद्वार क्षेत्र में यमकेश्वर के लिए गिरीश डोभाल, लैंसडाउन के लिए सुमन कोटनाला और कोटद्वार के लिए सुरेंद्र मोधा को प्रभारी बनाया गया है।
कुमाऊं में भी विधानसभा स्तर पर नियुक्तियां
अल्मोड़ा जिले में सोमेश्वर के लिए दीप भगत, अल्मोड़ा के लिए देवेंद्र सिंह दैला और जागेश्वर के लिए ललित सिंह दोसाद को जिम्मेदारी दी गई है। रानीखेत क्षेत्र में द्वाराहाट के लिए प्रेम बड़सुंगा, सल्ट के लिए ललित लटवाल और रानीखेत के लिए इंद्र सिंह फरस्वाण को प्रभारी बनाया गया है। पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के लिए सुरेश जोशी, डीडीहाट के लिए राजेंद्र रावत, पिथौरागढ़ के लिए दीपक कार्की और गंगोलीहाट के लिए लोकेश भट्ट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बागेश्वर में कपकोट के लिए बसंत जोशी और बागेश्वर सीट के लिए गोविंद सिंह दानू को प्रभारी बनाया गया है। चंपावत जिले में लोहाघाट की जिम्मेदारी श्याम नारायण पांडे और चंपावत की जिम्मेदारी सुभाष बगोली को मिली है। नैनीताल जिले में लालकुआं के लिए कौशिक नंदन जोशी, भीमताल के लिए गोपाल रावत, नैनीताल के लिए मोहन अग्रवाल, हल्द्वानी के लिए कमल नयन जोशी, कालाढूंगी के लिए अरविंद पांडेय और रामनगर के लिए सचिन शाह को प्रभारी बनाया गया है। काशीपुर क्षेत्र में जसपुर के लिए गिरीश चंद्र तिवारी, काशीपुर के लिए मनवीर अग्रवाल, बाजपुर के लिए राम मेहरोत्रा और गदरपुर के लिए सरदार मंजीत सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर के लिए दान सिंह रावत, किच्छा के लिए अनिल चौहान, सितारगंज के लिए विजय मंडल, नानकमत्ता के लिए दीपक मेहरा और खटीमा के लिए रामपाल को प्रभारी बनाया गया है।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर
भाजपा की इस संगठनात्मक कवायद का मुख्य उद्देश्य विधानसभा क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करना और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। विस्तारकों के क्षेत्र में प्रवास के दौरान बूथ समितियों की सक्रियता, स्थानीय समस्याओं और संगठन की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा। विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति और काशीपुर में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यशाला को पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अब विस्तारकों और प्रभारियों के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।

