अमेरिका के बाद अब कनाडा-UAE तक पहुंचेगा पहाड़ी स्वाद..
हाउस ऑफ हिमालयाज की तैयारी तेज..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश की हल्दी और चकराता राजमा जल्द ही कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजारों में भी उपलब्ध हो सकते हैं। इसके लिए हाउस ऑफ हिमालयाज की अमेजन ग्लोबल और वॉलमार्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। योजना के मुताबिक, नवंबर के अंत तक इन उत्पादों की बिक्री शुरू करने का लक्ष्य है। अमेरिका में पहले से उपलब्ध उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का दायरा अब दूसरे देशों तक बढ़ाया जा रहा है। कनाडा और UAE के बाद यूरोपीय देशों में भी पहाड़ी उत्पादों की पहुंच बनाने की तैयारी है। इसके अलावा न्यूजीलैंड में भारतीय दूतावास के माध्यम से भी उत्तराखंड के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
हल्दी और चकराता राजमा की विदेशों में बढ़ रही मांग
अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बाजारों में उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इनके अलावा मुनस्यारी राजमा, लाल चावल और पहाड़ी दालों की भी मांग बनी हुई है। राज्य के कृषि उत्पादों के साथ हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुओं को भी विदेशी बाजारों में पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को एक ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इस पहल के जरिए अब तक छह करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री होने की जानकारी दी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार से इस कारोबार को और बढ़ाने की उम्मीद है।
किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर
स्थानीय उत्पादों को विदेशों में बाजार मिलने से प्रदेश के किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उत्पादकों को लाभ पहुंचने की संभावना है। बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के जरिए बिक्री बढ़ने से उत्पादकों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और उनके उत्पादों की पहुंच स्थानीय बाजारों से बाहर तक बढ़ सकती है।विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित राजमा, हल्दी और पारंपरिक अनाज को बेहतर बाजार उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों और महिला समूहों को होने वाला वास्तविक लाभ बिक्री की मात्रा, कीमत और आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
यूरोप समेत अन्य देशों में भी पहुंचाने की तैयारी
उत्तराखंड के उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार अब नए बाजारों पर ध्यान दे रही है। कनाडा और UAE में बिक्री की योजना के बाद यूरोप के विभिन्न देशों में भी उत्पादों को उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। न्यूजीलैंड में भारतीय दूतावास के माध्यम से बाजार तलाशने की पहल भी इसी रणनीति का हिस्सा है। इस विस्तार का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ स्थानीय उत्पादकों के लिए बिक्री के नए रास्ते खोलना है। यदि प्रस्तावित योजनाएं तय समय पर आगे बढ़ती हैं, तो पहाड़ी उत्पादों का कारोबार आने वाले समय में और व्यापक हो सकता है।

