हिमस्खलन बना रेस्क्यू में बाधा, केदारताल में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी..
उत्तराखंड: केदारताल ट्रेक पर खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते फंसे ट्रेकर्स और उनके सहयोगी स्टाफ को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें जुटी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 लोग गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। इन सभी को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन रास्ते में खराब मौसम, बर्फबारी और ग्लेशियर की स्थिति के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस वजह से दल निर्धारित समय पर वापस नहीं पहुंच सका। 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के जरिए फोन पर संपर्क होने पर दल के सदस्यों ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी और मदद मांगी। इसके बाद एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की टीम मौके पर भेजी, जिसने करीब छह किलोमीटर तक रास्ता खोलने का प्रयास किया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में जुटीं
31 अक्टूबर को सुबह छह बजे 10 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए रवाना हुई। इसके साथ वन विभाग के दो कर्मचारी, ट्रेकिंग एजेंसी के सात सदस्य और एसडीआरएफ के छह जवान भी बचाव अभियान के लिए भेजे गए। सभी टीमें दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होते हुए फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
हिमस्खलन के कारण बचाव अभियान में आ रही बाधा
गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के रेंजर अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए हैं। वहीं, बाकी आठ लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन के कारण रास्ता बंद होने से फंसे हुए हैं। हिमस्खलन के चलते बचाव दल को आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीमें लगातार रास्ता तलाश रही हैं, ताकि फंसे हुए लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। अभियान के दौरान घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू की तैयारी
दुर्गम क्षेत्र में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी भी की जा रही है। इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रेस्क्यू में लगी सभी टीमों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने और हर संभव प्रयास कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी लोगों तक जल्द पहुंचने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की है।

