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HPV वैक्सीन लगाने में उत्तराखंड ने हासिल की 89 प्रतिशत उपलब्धि, पांच जिले लक्ष्य से आगे..

HPV वैक्सीन लगाने में उत्तराखंड ने हासिल की 89 प्रतिशत उपलब्धि, पांच जिले लक्ष्य से आगे..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 84,707 किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संशोधित लक्ष्य 95 हजार के मुकाबले यह उपलब्धि 89.17 प्रतिशत है। खास बात यह है कि राज्य के पांच जिले टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को पार कर चुके हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि निर्धारित आयु वर्ग की प्रत्येक पात्र किशोरी को निःशुल्क टीके की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम किया जा सके।

पीएम मोदी ने फरवरी में शुरू किया था अभियान
देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को की थी। इसके तहत 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम उम्र की पात्र किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त वैक्सीन दी जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एचपीवी संक्रमण से बचाव कर सर्वाइकल कैंसर के मामलों को कम करना है। उत्तराखंड में भी अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।

पांच जिलों ने लक्ष्य से आगे निकलकर किया बेहतर प्रदर्शन
टीकाकरण के आंकड़ों में पिथौरागढ़ सबसे आगे है। यहां निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 101.80 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा चमोली में 101.39 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 100.85 प्रतिशत, ऊधम सिंह नगर में 100.75 प्रतिशत और चम्पावत में 100.62 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया गया है। इन जिलों में लक्ष्य से अधिक किशोरियों का टीकाकरण होना अभियान की पहुंच को दर्शाता है। वहीं, अन्य जिलों में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश में 15,895 टीकाकरण सत्र आयोजित
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आंकड़ों के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 तक प्रदेशभर में कुल 16,710 टीकाकरण सत्र निर्धारित किए गए थे। इनमें से 15,895 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, 2 नवंबर को प्रदेश में 43 टीकाकरण सत्र प्रस्तावित थे, जिनमें 31 सत्र आयोजित हुए। इन सत्रों में कुल 57 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। विभाग की कोशिश है कि शेष पात्र किशोरियों तक भी जल्द टीकाकरण की सुविधा पहुंचाई जाए।

HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर का खतरा होगा कम
एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। इस वायरस के कुछ प्रकार, विशेषकर एचपीवी-16 और एचपीवी-18, कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार होते हैं। एचपीवी वैक्सीन इन प्रमुख वायरस प्रकारों से बचाव में मदद करती है। निर्धारित उम्र में टीकाकरण कराने से भविष्य में संक्रमण और उससे जुड़े सर्वाइकल कैंसर का जोखिम कम किया जा सकता है।

अभिभावकों से बेटियों का टीकाकरण कराने की अपील
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र बेटियों को इस अभियान के तहत निःशुल्क टीका जरूर लगवाएं। इसके लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। टीकाकरण अभिभावकों की सहमति और निर्धारित स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

किशोरियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए लगातार काम कर रही है। एचपीवी टीकाकरण अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में इस अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पांच जिलों का निर्धारित लक्ष्य से आगे निकलना उत्साहजनक है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपनी पात्र बेटियों का मुफ्त टीकाकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

 

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