देहरादून के चर्चित रोहित नेगी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्य आरोपी अजहर त्यागी और उसका साथी आयुष उर्फ सिकंदर को यूपी-उत्तराखंड सीमा पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
48 घंटे में गिरफ्तारी, पुलिस पर था भारी दबाव
घटना के बाद पुलिस पर चौतरफा दबाव था। एसएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में पांच टीमें यूपी के मुजफ्फरनगर और नोएडा भेजी गईं। गुरुवार रात पुरकाजी-मंगलौर सीमा पर दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर रोका गया, लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अजहर को दोनों पैरों और एक हाथ में, जबकि आयुष को घुटनों में गोली लगी।
पार्टी में विवाद से शुरू हुआ मामला
सेलाकुई निवासी भाजपा कार्यकर्ता रोहित नेगी सोमवार रात दोस्तों के साथ एक पार्टी में था। वहां मौजूद लड़की को उसका पुराना दोस्त अजहर फोन कर गालियां दे रहा था। जब रोहित ने इसका विरोध किया तो अजहर ने डीबीआईटी चौक पर मिलने की धमकी दी।
डीबीआईटी चौक पर हत्या
रात करीब डेढ़ बजे रोहित अपने दोस्तों के साथ डीबीआईटी चौक पहुंचा। वहां बाइक पर मौजूद अजहर ने कार के शीशे से सटाकर रोहित के गले में गोली मार दी और फरार हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। वह अपने घर का इकलौता बेटा था।
तनाव का माहौल, पुलिस की तेज कार्रवाई
हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस की सख्ती और तेजी से कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात को ही दोनों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।

