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Fri. Jan 23rd, 2026

सीएम धामी ने कहा गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानवता के लिए अमर प्रेरणा..

सीएम धामी ने कहा गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानवता के लिए अमर प्रेरणा..

 

उत्तराखंड: देहरादून के गुरुद्वारा रेसकोर्स में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें बलिदान दिवस पर श्रद्धा, सम्मान और आस्था से परिपूर्ण विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग कर गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय त्याग, साहस और राष्ट्र एवं धर्म रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब ने अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध डटकर संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहुति देकर मानवता, संस्कृति और धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान भारतीय इतिहास में एक अद्वितीय उदाहरण है, जिसने पूरी दुनिया को साहस, समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गुरु तेग बहादुर साहिब के जीवन, शौर्य और बलिदान को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हमें ऐसे महान संत-योद्धा के पदचिह्नों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने कीर्तन, अरदास और सेवा के माध्यम से गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। गुरुद्वारा परिसर में विशेष लंगर सेवा भी आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख पंथ की आस्था और इतिहास को सम्मान देने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने अमृतसर-कोलकाता कॉरिडोर, लंगर व्यवस्था को FCRA मुक्त करने, साहिबजादों के बलिदान दिवस को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित करने, गुरु ग्रंथ साहिब को सुरक्षित अफगानिस्तान से भारत लाने और 1984 के दोषियों को सजा दिलाने जैसे बड़े निर्णयों को सिख समुदाय के लिए मील का पत्थर बताया।सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी सिख संगत की सुविधाओं और यात्रा मार्गों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर काम कर रही है। हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम बनाने के लिए गोविंद घाट-हेमकुंड रोपवे परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा लाभ योजनाओं में सिख समाज को शामिल कर युवाओं को शिक्षा और प्रोत्साहन के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कीर्तन, अरदास और सेवाओं के साथ गुरु साहिब के महान बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। गुरुद्वारे में विशेष लंगर का आयोजन भी हुआ, जहां संगत ने गुरु घर की परंपरागत सेवा में सहभागिता निभाई।

 

 

 

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