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दूरस्थ क्षेत्रों में मिलेगी राहत, एएनएम–एमपीडब्ल्यू के 48 पदों पर भर्ती की हरी झंडी..

दूरस्थ क्षेत्रों में मिलेगी राहत, एएनएम–एमपीडब्ल्यू के 48 पदों पर भर्ती की हरी झंडी..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एएनएम (सहायक नर्स दाई) और एमपीडब्ल्यू (मल्टी पर्पस वर्कर) के 24–24 नए पदों के सृजन को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। इन पदों के बनाए जाने से राज्यभर के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों और एएनएम सेंटरों में स्टाफ की कमी दूर होगी। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 9 जिलों में पूर्व से संचालित 15 स्वास्थ्य केंद्रों और नए प्रस्तावित 8 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 23–23 पदों का सृजन किया गया है। इसके साथ ही उत्तरकाशी जिले के नौगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कंसेरू में आईपीएच मानकों के अनुरूप एएनएम और एमपीडब्ल्यू के एक–एक अतिरिक्त पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

इनमें से 24 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि एएनएम के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विभाग जल्द ही इन पदों पर नियुक्ति की औपचारिकताएं पूरी करेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एएनएम और एमपीडब्ल्यू के 24–24 पदों को स्वीकृति दे दी गई है और इन पर शीघ्र ही तैनाती की जाएगी। इससे स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि नए स्टाफ की तैनाती से प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और सुगम बनाने के लिए निरंतर व्यापक प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के साथ-साथ प्राथमिक स्तर पर भी सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है, जिसका लाभ सीधा आम जनता को मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। टीकाकरण सेवा में सुधार, समय पर जांच और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का असर आने वाले समय में प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

डॉ. रावत ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्राथमिक उपचार सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए एएनएम के खाली पदों पर लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सृजित हुए नए पदों पर भी शीघ्र तैनाती प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी एक चुनौती है, लेकिन इसे दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टरों की तैनाती और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नीति स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि दूरस्थ इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलें। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

 

 

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