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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर सीएम धामी सख्त, पेंशन भुगतान समयबद्ध करने का निर्देश..

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर सीएम धामी सख्त, पेंशन भुगतान समयबद्ध करने का निर्देश..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की पेंशन व्यवस्था को सुचारू और समयबद्ध बनाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सीएम आवास में आयोजित पेंशन किश्त वितरण कार्यक्रम के दौरान सीएम ने राज्यभर के लाभार्थियों वृद्धजन, दिव्यांग, विधवा, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। कार्यक्रम में सीएम धामी ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली सभी पेंशन राशि हर महीने की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पेंशन में देरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जो पहले से आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर हैं। इसलिए सिस्टम में किसी तरह की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रभारी अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक माह समय पर भुगतान हो, ताकि वृद्ध, दिव्यांगजन और अन्य पात्र वर्गों को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। सीएम धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर ज़रूरतमंद तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। इसी दिशा में पेंशन भुगतान व्यवस्था को और मजबूत व डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की प्रक्रिया तेज़ की जा रही है।

कार्यक्रम में सीएम ने नवंबर माह की कुल 13,982.92 लाख रुपये की पेंशन किस्त पूरे 9,38,999 लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी की, जिसमें वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा, किसान और अन्य कमजोर वर्ग शामिल हैं। सीएम धामी ने इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग को पेंशन संबंधित पूरी प्रणाली को और अधिक सरल, तेज़, समयबद्ध और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं उन लोगों के लिए जीवनरेखा हैं, जो समाज के सबसे कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों से आते हैं। इसलिए इन योजनाओं की पारदर्शिता और समय पर क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पेंशन प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया कि पेंशन योजनाओं का आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) नियमित रूप से किया जाए, ताकि कोई भी अयोग्य व्यक्ति पेंशन राशि का लाभ न ले सके।

सीएम धामी ने कहा कि सरकार की सहायता उसी व्यक्ति तक पहुंचे, जो वास्तव में इसका पात्र है। सीएम ने कहा कि यह सरकार प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि समाज के अंतिम पायदान तक बैठे व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उसे किसी भी प्रकार की आर्थिक मुश्किल का सामना न करना पड़े। साथ ही निर्देश दिया कि समान प्रकृति वाली सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को इंटीग्रेशन के जरिए एकीकृत किया जाए, जिससे डुप्लीकेसी समाप्त हो और योजनाओं का लाभ तेज़ी से सही व्यक्ति तक पहुंचे। सीएम ने राज्य के सभी सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों को पूरी तरह से प्राथमिकता देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के स्मृति-चिह्न, उपहार या सम्मान सामग्री में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने बुके की जगह बुक देने की नई परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे समय, धन और संसाधन बचत वाला पहल बताया।

सीएम ने सभी कार्यक्रमों को अधिक सादगीपूर्ण बनाने की बात कहते हुए कहा कि यह न सिर्फ एक अच्छी प्रशासनिक परंपरा है, बल्कि सुशासन व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम भी है। बता दें कि समाज कल्याण विभाग की ओर से योजनाओं के तहत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, परित्यक्ता पेंशन, भरण-पोषण अनुदान, तीर्थ पुरोहित पेंशन और बौना पेंशन दिया जा रहा है। इन सभी योजनाओं के तहत 9.38 लाख से अधिक लाभार्थियों को हर महीने पेंशन डीबीटी प्रणाली से सीधे खाते में भेजी जा रही है। डिजिटल लेन-देन की ये व्यवस्था न केवल पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे लाभार्थियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलती है। इन सभी योजनाओं के लिए हर साल 13982.92 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।

 

 

 

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