महिलाओं के सशक्तिकरण और योगदान के लिए सीएम धामी ने सम्मान समारोह आयोजित किया..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में महिलाएं संगठित होकर विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। महिला समूहों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है। स्टार्टअप, आत्मनिर्भर भारत और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार को देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में बिजनेस उत्तरायणी संस्था की ओर से Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं।
राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, जो प्रदेश के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पाद न केवल राज्य की पहचान को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दे रहे हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्केटिंग से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों, स्टार्टअप से जुड़ी महिलाओं और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सरकारी सहयोग और मंच मिलने से उनके कार्य को नई दिशा मिली है। Manthon-2025 कार्यक्रम महिला नेतृत्व, उद्यमिता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। यह आयोजन प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है और उत्तराखंड को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज और प्रदेश को भी आगे बढ़ाने का काम किया है। आज महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “नारी तू नारायणी” के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, लखपति दीदी योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। वहीं समाज में व्याप्त ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की गई है। कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति आज शिक्षा, उद्यमिता, राजनीति, खेल, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है। यह देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज महिलाएं उद्योग, कला, शिक्षा, विज्ञान, खेल, अनुसंधान और सेना जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित होकर कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को एक सशक्त ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। सीएम ने कहा कि राज्य में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नाम से एक अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। इस ब्रांड के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले स्थानीय उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इन-हाउस स्टोर्स के जरिए देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। इससे महिलाओं को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और स्थायी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
राज्य में करीब 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर करीब 5 लाख महिलाएं संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के जरिए राज्य की महिलाएं सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है। सीएम ने कहा प्रदेश की महिलाएं स्टार्टअप के क्षेत्र में भी बेहतर उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। नारी शक्ति की ओर से स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं, स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। सीएम ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिअ राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

