Breaking
Fri. Jan 23rd, 2026

विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में चूक, बिना ऑपरेटर पटरी पर तीन किमी तक दौड़ी थी लोको ट्रेन..

विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में चूक, बिना ऑपरेटर पटरी पर तीन किमी तक दौड़ी थी लोको ट्रेन..

हादसे में 70 श्रमिक हुए जख्मी..

 

 

 

उत्तराखंड: चमोली जनपद स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर बिना ऑपरेटर के करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ती लोको ट्रेन दूसरी ओर से आ रही श्रमिकों से भरी ट्रेन से टकरा गई। इस टक्कर में करीब 70 श्रमिक घायल हो गए, जिनमें से आठ की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब नौ बजे टनल के भीतर श्रमिकों की शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। परियोजना में टनल के अंदर श्रमिकों और निर्माण सामग्री को लाने-ले जाने के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जाता है। टनल में अप और डाउन के लिए अलग-अलग पटरियां बिछाई गई हैं।

बताया गया कि शाम करीब चार बजे एक लोको ट्रेन भारी निर्माण सामग्री लेकर टनल के अंदर गई थी। ड्यूटी समाप्त होने के बाद लोको ट्रेन का ऑपरेटर उसे पटरी पर ही छोड़कर चला गया। रात करीब साढ़े आठ बजे, जब दूसरी लोको ट्रेन रात्रि शिफ्ट के श्रमिकों को लेकर टनल के भीतर जा रही थी, तभी अंदर खड़ी भारी सामग्री से लदी ट्रेन अचानक खिसक गई। खिसकती हुई ट्रेन साइड ट्रैक से मुख्य ट्रैक पर आ गई और करीब तीन किलोमीटर नीचे आते हुए श्रमिकों से भरी ट्रेन से जा टकराई। हादसे के वक्त श्रमिकों वाली ट्रेन में 109 मजदूर सवार थे। टक्कर के बाद अफरा-तफरी मच गई और लगभग 70 श्रमिक घायल हो गए।

हादसे के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। 61 घायल श्रमिकों को जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 53 को छुट्टी दे दी गई। हाथ, पैर और कंधे में गंभीर चोट वाले आठ श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके अलावा कुछ श्रमिकों को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। टीएचडीसी प्रबंधन ने प्रारंभिक जांच में हादसे के लिए लोको ट्रेन ऑपरेटर की लापरवाही को जिम्मेदार माना है। कंपनी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित ऑपरेटर को हटा दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

गौरतलब है कि टनल के भीतर चलने वाली लोको ट्रेनों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंजन वाले हिस्से को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। कंपनी की ओर से इंजन डिब्बे में मोटे लोहे की चादर और ग्रील लगाई गई है। श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी ने कहा कि ट्रेनों के इस मॉडिफिकेशन की वजह से टक्कर के बावजूद डिब्बों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, अन्यथा हादसा और भी भयावह हो सकता था। टीएचडीसी अधिकारियों का कहना है कि घायल श्रमिकों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जा रही है।

अस्पताल में ये श्रमिक हैं भर्ती..
जिला अस्पताल में गुरु सेवक सिंह (38) पुत्र माखन सिंह निवासी तरनतारन पंजाब, अनुज कुमार (26) पुत्र दालचंद मुरादाबाद यूपी, राजीत (21) पुत्र राजू लखीमपुर खीरी यूपी, एजाज हुसैन भट, (38) पुत्र मो. रमजान डोडा जम्मू कश्मीर, शंकर दास (44) पुत्र भगवान दास निवासी कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, बलजिंदर सिंह (38) पुत्र केवल कृष्णा जालंधर पंजाब, संतोष पाल्लई (36) कपिल पल्लई केंद्रपाड़ा ओडीसा, मलकित सिंह (31) पुत्र सुरजीत सिंह, कपूरथला पंजाब शामिल हैं।

 

 

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *