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Fri. Jan 23rd, 2026

चुनाव आयोग की तैयारी तेज, एसआईआर शुरू होते ही होगी बीएलओ मैपिंग..

चुनाव आयोग की तैयारी तेज, एसआईआर शुरू होते ही होगी बीएलओ मैपिंग..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद ग्रीन सेस वसूली का दूसरा ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। हरिद्वार के नारसन बॉर्डर पर स्थापित एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे के माध्यम से कुछ बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन सेस काटा गया। हालांकि, प्रक्रिया अभी पूरी तरह तेज नहीं है और आईटीडीए सिस्टम अपडेट के काम में जुटा है। प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने का प्रावधान जल्द ही संपूर्ण राज्य में लागू हो जाएगा। परिवहन विभाग ने अब तक 37 एएनपीआर कैमरे लगाए हैं, जिनमें से 15 कैमरे राज्य की सीमाओं पर प्रवेश के लिए जिम्मेदार हैं। इन कैमरों के माध्यम से प्रदेश में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से शुल्क की कटौती की जाएगी। हरिद्वार के नारसन चेकपोस्ट के कैमरे ने अब डाटा भेजना शुरू कर दिया है। इसके चलते कुछ वाहनों का ग्रीन सेस नंबर प्लेट के माध्यम से उनके फास्टैग खाते से स्वतः काटा गया। परिवहन मुख्यालय के अनुसार कैमरा वीडियो फीड सीधे आईटीडीए के डाटा सेंटर में भेजता है। इस वीडियो से वाहनों की पहचान और छंटनी के बाद बाहरी राज्यों के वाहनों से शुल्क काटा जाता है।

हालांकि, ट्रायल प्रक्रिया के दौरान तकनीकी अड़चनें सामने आई हैं। वर्तमान में सिस्टम की गति धीमी होने के कारण सभी वाहनों से तुरंत ग्रीन सेस काटना संभव नहीं हो पा रहा है। इस वजह से आईटीडीए की विशेषज्ञ टीम सिस्टम अपग्रेड में लगी हुई है, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू और तेज हो सके। परिवहन विभाग का मानना है कि ग्रीन सेस वसूली से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही बाहरी वाहनों के कारण बढ़ रहे प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि सिस्टम अपडेट के बाद वसूली पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी होगी।

 

 

 

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