अब टैक्स विवादों के लिए कोर्ट नहीं, जीएसटी ट्रिब्यूनल में होगी अपील, दो लाख व्यापारी लाभान्वित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के व्यापारियों के लिए जीएसटी से जुड़े विवादों के निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित मामलों में अपील सीधे जीएसटी अपीलीय अधिकरण (ट्रिब्यूनल) में दायर की जा सकेगी। बुधवार से ट्रिब्यूनल की देहरादून बेंच ने औपचारिक रूप से कामकाज शुरू कर दिया है, जिससे राज्य के करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। देहरादून बेंच में तीन सदस्यों ने कार्यभार संभाल लिया है। इनमें आनंद शाह (तकनीकी सदस्य-केंद्रीय), राजेश जैन (न्यायिक सदस्य) और नरेश कत्याल (न्यायिक सदस्य) शामिल हैं। तीनों सदस्यों ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर न्यायिक कार्य शुरू कर दिया है।
अब हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं
बता दे कि जीएसटी परिषद ने कर विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से देशभर के सभी राज्यों में जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह है कि व्यापारियों को टैक्स से जुड़े मामलों के लिए सीधे उच्च न्यायालयों का रुख न करना पड़े और उन्हें सुलभ, विशेषज्ञ और निष्पक्ष मंच मिल सके। उत्तराखंड में जीएसटी के तहत दो लाख से अधिक पंजीकृत व्यापारी हैं, जिन्हें अब अपने कर संबंधी विवादों के समाधान के लिए देहरादून स्थित ट्रिब्यूनल बेंच में अपील दायर करने की सुविधा मिल गई है।देहरादून ट्रिब्यूनल बेंच में सीजीएसटी (केंद्रीय जीएसटी) और एसजीएसटी (राज्य जीएसटी) से जुड़े वादों की सुनवाई की जाएगी। ट्रिब्यूनल मामलों की सुनवाई के बाद टैक्स देयता, ब्याज और जुर्माने से संबंधित अंतिम निर्णय भी देगा।
उत्तराखंड और आसपास के करदाताओं को होगा सीधा लाभ..
देहरादून में ट्रिब्यूनल बेंच के सक्रिय होने से न केवल उत्तराखंड, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के करदाताओं को भी तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष अपील समाधान मिलने की उम्मीद है। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और करदाताओं पर न्यायिक बोझ कम होगा। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह पहल जीएसटी परिषद और वित्त मंत्रालय की देशव्यापी न्यायिक संरचना मजबूत करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। आने वाले समय में ट्रिब्यूनल के माध्यम से कर विवादों के समाधान की प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित व प्रभावी होने की उम्मीद है।

