427 कैम्पों के जरिए 3.44 लाख लोगों तक पहुंचा ‘जन-जन की सरकार’ अभियान..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन का एक प्रभावी, भरोसेमंद और जन-केंद्रित मॉडल बनकर उभरा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन को आम जनता के और अधिक निकट लाना, लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत सरकार ने जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी है। इसी का परिणाम है कि यह कार्यक्रम राज्यभर में आम नागरिकों के बीच व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।
13 जिलों में लगे 427 कैम्प, साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों ने की भागीदारी..
21 जनवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 427 जनसमस्या समाधान कैम्पों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैम्पों में 3 लाख 44 हजार 85 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की और अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखीं। इन कैम्पों के माध्यम से आम जनता ने बड़ी संख्या में शिकायत पत्र प्रस्तुत किए। अब तक 35,079 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 23,844 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। शेष शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और उनकी लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
एक ही स्थान पर मिलीं सेवाएं, 1.86 लाख से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ..
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि कैम्पों के दौरान विभिन्न विभागों की टीमों की मौजूदगी में नागरिकों को कई जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान 46,901 आवेदन प्रमाण पत्र, सरकारी सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्राप्त किए गए। इसके साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ 1,86,795 नागरिकों को प्रदान किया गया। इससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली और सेवाएं त्वरित रूप से उपलब्ध हो सकीं।
सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल..
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने न केवल शिकायत निवारण की प्रक्रिया को मजबूत किया है, बल्कि जनता का सरकार और प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ाया है। यह अभियान प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सेवा-भावना को जमीन पर उतारने का सफल प्रयास माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाकर जनता तक शासन की पहुंच और मजबूत की जाएगी, ताकि हर नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें।

