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चमोली के 47 गांव बने मिसाल, 20 हजार से ज्यादा विवाह पंजीकरण पूरे..

चमोली के 47 गांव बने मिसाल, 20 हजार से ज्यादा विवाह पंजीकरण पूरे..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुगम हो गई है। इसका सीधा असर यह देखने को मिल रहा है कि अब बड़ी संख्या में दंपती ऑनलाइन माध्यम से विवाह पंजीकरण करा रहे हैं। चमोली जनपद में यूसीसी के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है और अब तक जिले की 47 ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जनपद स्तर पर आंकड़ों की बात करें तो अब तक समान नागरिक संहिता के अंतर्गत कुल 20 हजार 215 विवाह पंजीकरण पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 95 आवेदन विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं, जबकि 876 मामलों को आवश्यक शर्तें पूरी न होने के कारण निरस्त किया गया है। वहीं, यूसीसी लागू होने से पहले जिन 3866 विवाहों का पंजीकरण किया जा चुका था, उन्हें भी नई व्यवस्था के अंतर्गत समायोजित कर लिया गया है।

बता दे कि 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता को विधिवत लागू किया गया। इस संहिता के तहत विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक) और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही वसीयत उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों के पंजीकरण की भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। चमोली जनपद में यूसीसी के तहत अब तक तलाक के 19 और लिव-इन रिलेशनशिप का एक मामला पंजीकृत किया गया है। जिले के विभिन्न विकास खंडों की 25 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह सफल बनाया गया है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में शेष पंचायतों में भी यह लक्ष्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

वहीं, 27 जनवरी को नागरिक संहिता दिवस के अवसर पर जनपद भर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि यूसीसी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों द्वारा समान नागरिक संहिता की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।

इन गांवों में शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण- धुर्मा, भटियांणा, कुरुड़, बमोथ, नौली, पनाई, पूर्णा, लौसरी, घेस, खेता मानमती, मोपाटा, काण्डई, सल्ला रैतोली झींझी, मेड ठेली, मासौं, दादड़, नैल कुडाव, गाड़ी, रांगतोली, खल्ला, बमियाला, खीरों लामबगड़, औंथ हनुमानचट्टी, सलूड डुंग्रा, उर्गम, देवग्राम, पैनी, रैणी, फरकिया, रैंणी चक सुभाई, नीति, डुमक, जखोला, बड़ागांव, गणाई, सीरी, भगोती, मलतुरा, सिल्टोली, ढमकर, रण्डोली, नैंणी, धानई, गबनी, चमोली, पैनगढ़ और सुनला।

 

 

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