रूफटॉप सोलर में उत्तराखंड का कमाल, 26 राज्यों को पछाड़कर टॉप-10 में जगह..
उत्तराखंड: ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तराखंड ने बीते एक वर्ष के दौरान बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाने के मामले में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में खुद को शामिल कर लिया है। अब उत्तराखंड देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल हो चुका है, जो राज्य की ऊर्जा नीति और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।ऊर्जा मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में अब तक 58 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रणालियों के जरिए राज्य के 58,700 से ज्यादा परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से इन परिवारों को न केवल बिजली की निर्बाध आपूर्ति मिल रही है, बल्कि उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। कई उपभोक्ताओं को तो लगभग शून्य बिजली बिल का फायदा भी मिल रहा है।
पीएम सूर्य घर योजना बनी गेमचेंजर..
फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की शुरुआत के बाद उत्तराखंड में रूफटॉप सोलर को लेकर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और तकनीकी सहयोग ने आम उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसका असर यह रहा कि बीते एक साल में राज्य में रूफटॉप सोलर सिस्टम की संख्या में करीब छह गुना इजाफा दर्ज किया गया। देशभर की बात करें तो पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद अब तक 20 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इसी प्रगति के आधार पर राज्यवार रैंकिंग में उत्तराखंड 9वें स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि इस रैंकिंग में उत्तराखंड ने कई बड़े और अधिक जनसंख्या वाले राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
बढ़ी हिस्सेदारी, मजबूत हुआ उत्तराखंड का दावा..
आंकड़ों के अनुसार देश में कुल रूफटॉप सोलर कनेक्शनों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी बीते वर्ष जहां करीब डेढ़ प्रतिशत थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग तीन प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह वृद्धि न केवल आंकड़ों में, बल्कि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि राज्य ने अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप संतोषजनक प्रगति की है। आने वाले समय में दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि बिजली आपूर्ति के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को भी कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस गति से उत्तराखंड में रूफटॉप सोलर को अपनाया जा रहा है, वह आने वाले वर्षों में राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे न सिर्फ पारंपरिक बिजली स्रोतों पर दबाव कम होगा, बल्कि आम लोगों की आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

