नई प्रशासनिक शुरुआत ‘सेवा तीर्थ’ से संचालित होगा प्रधानमंत्री कार्यालय..
देश-विदेश: केंद्र सरकार का प्रधानमंत्री कार्यालय शुक्रवार को नए पते पर स्थानांतरित हो गया। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब पीएमओ साउथ ब्लॉक से हटकर नई अत्याधुनिक इमारत में कामकाज शुरू कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ घोषित करते हुए इसका औपचारिक अनावरण किया। शाम को साउथ ब्लॉक में अंतिम बार कैबिनेट बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद नियमित सरकारी कार्य ‘सेवा तीर्थ’ से संचालित होंगे। ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में पीएमओ के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके साथ ही ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का भी उद्घाटन किया गया है, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, कॉर्पोरेट कार्य, कानून-न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन-उर्वरक, जनजातीय कार्य और संस्कृति सहित कई प्रमुख मंत्रालय कार्य करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक दोपहर में नामकरण और उद्घाटन कार्यक्रम के बाद शाम को सार्वजनिक संबोधन भी निर्धारित है।
मॉडर्न और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस की दिशा..
नया परिसर डिजिटल रूप से एकीकृत दफ्तरों, संरचित पब्लिक इंटरफेस जोन और केंद्रीकृत रिसेप्शन जैसी सुविधाओं से लैस है। इसका उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तेज निर्णय-प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं की दक्षता बढ़ाना बताया गया है। भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिज़ाइन किए गए हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और हाई-परफॉर्मेंस बिल्डिंग एनवेलप शामिल हैंताकि पर्यावरणीय प्रभाव कम करते हुए परिचालन क्षमता बढ़ाई जा सके।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचा..
कॉम्प्लेक्स में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, उन्नत सर्विलांस नेटवर्क और आधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी स्थापित की गई हैं। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में निर्मित इन ‘फ्यूचर-रेडी’ इमारतों को आधुनिक कार्य-संस्कृति और बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिन्हें साउथ ब्लॉक में सीमित स्थान और ढांचे के कारण चुनौती माना जाता था। सूत्रों के अनुसार ‘सेवा तीर्थ’ के निर्माण पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। परिसर में पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए पृथक ब्लॉक विकसित किए गए हैं, ताकि उच्च-स्तरीय प्रशासनिक कार्य अधिक संगठित और सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सकें। यह बदलाव केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि प्रशासनिक संरचना को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

