चारधाम यात्रा तैयारियों की समीक्षा, लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही..
उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। गुरुवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी ने विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यों से जुड़े प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करें और जमीनी स्तर पर काम शुरू करें। स्वास्थ्य, सुरक्षा और यात्रा मार्ग के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि समय पर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस करते हुए मुख्य घोड़ा पड़ावों पर घोड़ों के लिए गर्म पानी उपलब्ध कराने हेतु सोलर गीजर लगाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा मार्ग पर पेयजल, पर्याप्त शेड और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि मेडिकल केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।

