देहरादून में वसंतोत्सव का आगाज, तीन दिन तक सजेगा पुष्प महोत्सव..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित लोक भवन में शुक्रवार यानी आज से तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 (पुष्प प्रदर्शनी) का आगाज होने जा रहा है। 27 फरवरी से एक मार्च तक आयोजित होने वाले इस बहुप्रतीक्षित आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) 27 फरवरी को सुबह 10 बजे महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। वसंतोत्सव के पहले दिन दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक आमजन के लिए प्रदर्शनी खुली रहेगी, जबकि 28 फरवरी और एक मार्च को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक नागरिक निःशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी विभिन्न प्रजातियों के फूलों, सजावटी पौधों और बागवानी नवाचारों की आकर्षक झलक देखने को मिलेगी।
इस बार आयोजन में तकनीक का विशेष समावेश किया गया है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने एक एआई आधारित एप तैयार किया है, जिसके माध्यम से आगंतुकों की गणना की जाएगी। लोक भवन के मुख्य द्वार पर एआई-सक्षम कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो आगमन और निर्गमन की संख्या का सटीक आकलन करेंगे। इससे आयोजन प्रबंधन को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में मदद मिलेगी। आयोजकों ने आगंतुकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन स्वैच्छिक पंजीकरण की व्यवस्था भी की है। इच्छुक नागरिक निर्धारित वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं, जिसके बाद उन्हें एक डिजिटल आई-कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि यह पंजीकरण पूरी तरह ऐच्छिक रहेगा और बिना पंजीकरण के भी आमजन प्रदर्शनी में प्रवेश कर सकेंगे।
महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए फूलों से सुसज्जित विशेष प्रचार वाहनों को भी रवाना किया गया है। राज्यपाल ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान के लिए भेजा। ये वाहन विभिन्न इलाकों में भ्रमण कर नागरिकों को वसंतोत्सव की जानकारी देंगे और अधिकाधिक लोगों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।वसंतोत्सव केवल एक पुष्प प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और बागवानी संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रमुख मंच है। इसमें सरकारी विभागों, निजी नर्सरियों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय उद्यान प्रेमियों की भागीदारी रहती है। विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनों के माध्यम से फूलों और पौधों की विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि एआई तकनीक के उपयोग से इस बार आयोजन और अधिक सुव्यवस्थित तथा आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। राजधानीवासियों के लिए यह महोत्सव रंग-बिरंगे फूलों, हरियाली और सांस्कृतिक उत्साह का अनूठा संगम साबित होने जा रहा है।

