नैनीताल में सजेगा लिटरेचर फेस्टिवल, देश-विदेश की हस्तियां होंगी शामिल..
उत्तराखंड: सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर साहित्य, कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर होने जा रही है। 13 से 15 मार्च तक चरखेत में नैनीताल साहित्य सम्मेलन के दूसरे संस्करण का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से साहित्यकार, फिल्मकार, कलाकार और विचारक हिस्सा लेंगे। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव बौद्धिक विमर्श, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक संवाद का प्रमुख मंच बनेगा। “सेलिंग विद स्टोरीज” थीम पर आयोजित यह आयोजन साहित्य के साथ-साथ सिनेमा, इतिहास, संगीत और संस्कृति के विविध आयामों को एक मंच पर लाएगा। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण को मिली व्यापक सराहना के बाद इस बार सम्मेलन को और अधिक विस्तृत और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। आयोजकों का उद्देश्य इसे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर का सांस्कृतिक उत्सव बनाना है।
सम्मेलन में साहित्य के पारंपरिक विषयों के साथ आधुनिक और समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सिनेमा, संगीत, फोटोग्राफी, इतिहास, यात्रा लेखन, जेंडर विमर्श और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इतिहास और संस्कृति से जुड़े सत्रों में ऑस्ट्रेलिया से आए विद्वान जॉन जुबरिस्की, प्रख्यात चिंतक पुष्पेश पंत और वरिष्ठ लेखक शाहिद सिद्दीकी अपने अनुभव साझा करेंगे। फिल्म जगत से चर्चित निर्देशक इम्तियाज अली, नागेश कुकुनूर और विभुपुरी सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया और बदलते परिदृश्य पर चर्चा करेंगे। पौराणिक कथाओं के विश्लेषण के लिए प्रसिद्ध देवदत्त पट्टनायक और कला समीक्षक अल्का पांडे भी विशेष सत्रों में मौजूद रहेंगे। अर्थशास्त्री और लेखक गुरचरण दास, साहित्यकार जेरी पिंटो, अमिताभ बागची और अशोक पांडे विभिन्न साहित्यिक सत्रों को संबोधित करेंगे।
समसामयिक सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सुहेल सेठ और सुभाषिनी अली भी मंच साझा करेंगे। ताइवान से आने वाली लेखिका ऋचा एस. मुखर्जी स्त्री विमर्श और व्यंग्य लेखन पर विचार रखेंगी, जबकि कंटेंट क्रिएटर सबा उर्दू भाषा की सुंदरता और अभिव्यक्ति पर विशेष कार्यशाला आयोजित करेंगी। सम्मेलन में स्थानीय संस्कृति को भी प्रमुखता दी जाएगी। कुमाऊं अंचल की प्रसिद्ध लोकगाथा “राजुला-मालूशाही” पर विशेष चर्चा आयोजित होगी, जिससे क्षेत्रीय परंपराओं और लोकसाहित्य को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। पैनल चर्चाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी महोत्सव का आकर्षण बढ़ाएंगी।
प्रसिद्ध कलाकार बी. बालसाई बांसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। वहीं वी. सृजना और कीर्ति श्री कलरीपयट्टू और भरतनाट्यम पर आधारित विशेष प्रस्तुति “त्रिशक्ति” पेश करेंगी। संगीत प्रेमियों के लिए नैनीताल का चर्चित रॉक बैंड Life on Lanes भी लाइव परफॉर्मेंस देगा। इस साहित्यिक महोत्सव का आयोजन लेखनी फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। आयोजन के मार्गदर्शक पुष्पेश पंत हैं, जिनके नेतृत्व में यह मंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रचनाकारों, कलाकारों और विचारकों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है। आयोजन से न केवल साहित्यिक संवाद को नई दिशा मिलेगी, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक पहचान को भी व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

