उत्तराखंड में शिक्षा का नया मॉडल, AI से मिलेगा प्राचीन ज्ञान का प्रमाणिक उत्तर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और परंपरा के संगम की एक अनूठी पहल सामने आई है। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए ‘प्रज्ञानम्’ नामक एआई आधारित चैटबॉट विकसित किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को वेद, उपनिषद और प्राचीन भारतीय विज्ञान से जुड़ी जानकारी आसान भाषा में उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्तमान समय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल किया जा रहा है। ऐसे में ‘प्रज्ञानम्’ छात्रों के लिए एक प्रभावी अध्ययन सहयोगी के रूप में काम करेगा, जिससे जटिल विषयों को समझना और भी सरल हो जाएगा। इस चैटबॉट को विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर स्थित बीसीए विभाग के शिक्षकों ने विकसित किया है।
परियोजना से जुड़े समन्वयक डॉ. गौरव वाष्णेय ने कहा कि राज्य स्तर पर विश्वविद्यालयों को विशिष्ट विषयों पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसके तहत इस विश्वविद्यालय को भारतीय ज्ञान परंपरा पर कार्य सौंपा गया। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए एक राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी आयोजित की गई और शोध-पत्रों पर आधारित एक पुस्तक प्रकाशित कर एक मजबूत डेटा बेस तैयार किया गया। करीब एक वर्ष के शोध और तकनीकी विकास के बाद इसी प्रमाणिक सामग्री के आधार पर ‘प्रज्ञानम्’ चैटबॉट को तैयार किया गया। यह प्लेटफॉर्म वेद, उपनिषद, प्राचीन गणित, खगोल विज्ञान और ज्योतिष जैसे विषयों पर शोध-आधारित सटीक जानकारी प्रदान करता है। इसकी एक खास विशेषता यह भी है कि यह उपयोगकर्ताओं को न केवल लिखित, बल्कि आवाज के माध्यम से भी जवाब देने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक आधुनिक माध्यम से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकता है।

