Breaking
Fri. Jan 23rd, 2026

शांत और सुरक्षित शहर की पहल, उत्तराखंड में हॉर्न फ्री व नो ओवरटेकिंग जोन लागू होंगे..

शांत और सुरक्षित शहर की पहल, उत्तराखंड में हॉर्न फ्री व नो ओवरटेकिंग जोन लागू होंगे..

 

उत्तराखंड: शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्थित यातायात पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल ने एक अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन और नो ओवरटेकिंग जोन घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निगम के पार्षदगण और निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि शहर में वाहनों द्वारा प्रेशर हॉर्न का अत्यधिक और अनावश्यक उपयोग आम नागरिकों के साथ-साथ विद्यार्थियों, अस्पतालों में भर्ती मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है। श्रीनगर एक प्रमुख शैक्षणिक नगर होने के कारण यहां शांति और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। लगातार बढ़ते शोर से न केवल मानसिक तनाव बढ़ रहा है, बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) पौड़ी मंगल सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हॉर्न फ्री जोन समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर में विश्वविद्यालय, स्कूल और अस्पताल बड़ी संख्या में स्थित हैं, जहां अनावश्यक हॉर्न लोगों को लगातार परेशान करता है। यदि नगर निगम की ओर से हॉर्न फ्री जोन का प्रस्ताव पारित किया जाता है, तो परिवहन विभाग पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम बोर्ड की आगामी बैठक में श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन घोषित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य शहर को शांत, सुरक्षित और अनुशासित बनाना है। हॉर्न फ्री और नो ओवरटेकिंग जोन लागू होने से न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी अधिक सुचारु और सुरक्षित होगी। उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

महापौर ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह पहल पूरी तरह जनहित में है और इसकी सफलता के लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव के पारित होने के बाद शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर हॉर्न फ्री जोन घोषित किया जाएगा। साथ ही लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। नगर निगम को उम्मीद है कि इस पहल से श्रीनगर को एक शांत, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी और शहरवासियों को बेहतर जीवन वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

 

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *