Breaking
Sat. Jul 25th, 2026

राज्य कर विभाग की बड़ी उपलब्धि, उत्तराखंड में कुल कर संग्रहण 22% बढ़ा..

राज्य कर विभाग की बड़ी उपलब्धि, उत्तराखंड में कुल कर संग्रहण 22% बढ़ा..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कर संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जून 2026 के बीच राज्य में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से होने वाले राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में नेट राज्य जीएसटी (SGST) संग्रहण, नॉन-जीएसटी राजस्व और कुल कर संग्रहण में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इसे राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी और कर अनुपालन में सुधार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में कर संग्रहण से जुड़े आंकड़ों और विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने की, जिसमें वित्त विभाग और राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान जीएसटी संग्रहण, करदाताओं की अनुपालन स्थिति, विशेष जांच, ऑडिट और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभाग की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच नॉन-जीएसटी संग्रहण बढ़कर 740 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 658 करोड़ रुपये था। इस प्रकार इसमें करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।इसी अवधि में नेट एसजीएसटी संग्रहण में और भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। पिछले वर्ष पहली तिमाही में जहां राज्य को 2,457 करोड़ रुपये का नेट एसजीएसटी प्राप्त हुआ था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 3,056 करोड़ रुपये हो गया। यानी राज्य ने इस मद में 24 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। कुल कर संग्रहण के आंकड़े भी उत्साहजनक रहे। विभाग के अनुसार पहली तिमाही में कुल संग्रहण 3,796 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 3,115 करोड़ रुपये था। इस तरह कुल राजस्व में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैठक में केंद्रीय खुफिया इकाई (Central Intelligence Unit – CIU) के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कर चोरी रोकने और राजस्व संरक्षण के लिए की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीआईयू द्वारा 12.92 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में केवल जून तक ही 16.48 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 27.6 प्रतिशत अधिक है। समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर संग्रहण में आई इस सकारात्मक वृद्धि को आगे भी बनाए रखा जाए और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मॉनिटरिंग का प्रभावी उपयोग कर कर चोरी पर अंकुश लगाया जाए तथा करदाताओं के लिए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए।

उन्होंने लंबित कर मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया कि करदाताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विशेष जांच शाखा (SIB), मोबाइल स्क्वाड और ऑडिट विंग की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्रवाई तेज करने और विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही होटल एवं रेस्टोरेंट उद्योग, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट, निर्माण क्षेत्र और अन्य प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों में जीएसटी अनुपालन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विभाग ने आने वाले महीनों में कर आधार को और मजबूत करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम करने की बात कही।बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन, अपर सचिव एवं अपर आयुक्त महमोहन मैनाली, अपर सचिव एवं अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि बेहतर निगरानी, तकनीकी नवाचार और करदाताओं के सहयोग से आने वाले समय में राज्य का जीएसटी संग्रहण और अधिक मजबूत होगा।

 

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *