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Wed. May 6th, 2026

स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए बड़ा फैसला संभव, व्यायाम शिक्षक पद डाउन ग्रेड पर रिपोर्ट मांगी..

स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए बड़ा फैसला संभव, व्यायाम शिक्षक पद डाउन ग्रेड पर रिपोर्ट मांगी..

 

 

 

उत्तराखंड: राष्ट्रीय खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 130 पदक जीतकर नया इतिहास रचने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब सरकारी सेवाओं में अवसर देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार विभिन्न विभागों में पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति देने की दिशा में काम कर रही है, हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। खेल विभाग की ओर से विशेष रूप से स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए बेहतर पद सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में व्यायाम शिक्षक (फिजिकल एजुकेशन) के पदों पर उनकी नियुक्ति की संभावना तलाशी जा रही है। इसके लिए खेल विभाग ने शिक्षा विभाग को इन पदों के ग्रेड वेतन को डाउन ग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा है, ताकि स्वर्ण पदक विजेताओं को उपयुक्त पदों पर समायोजित किया जा सके।

बता दे कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पदक तालिका में 25वें स्थान से सातवें स्थान तक पहुंचाने वाले कुल 243 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की योजना है। खेल विभाग चाहता है कि इन सभी खिलाड़ियों को अपने ही विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी जाए, लेकिन कार्मिक विभाग ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी है। इसके बजाय खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों जैसे खेल, युवा कल्याण, गृह, वन, माध्यमिक शिक्षा और परिवहन में समायोजित करने का सुझाव दिया गया है। रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए 2000 और 2800 ग्रेड वेतन के पर्याप्त पद उपलब्ध हैं, लेकिन स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए 4200 ग्रेड पे के पदों की कमी चुनौती बन रही है। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (व्यायाम) के करीब 50 पद मौजूद हैं, हालांकि इनका ग्रेड पे 4600 है, जो निर्धारित मानकों से अधिक है।

इसी समस्या के समाधान के लिए खेल विभाग ने इन पदों को 4200 ग्रेड पे में डाउन ग्रेड करने का प्रस्ताव रखा है। यदि शिक्षा विभाग इस पर सहमति देता है, तो स्वर्ण पदक विजेताओं को इन पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा। फिलहाल इस प्रस्ताव पर शिक्षा निदेशालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और उसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।

 

 

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