आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बनने का मौका, उत्तराखंड में 3211 रिक्त पदों पर आवेदन आमंत्रित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने राज्यभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 3211 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित की गई है। विभाग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से तय मानकों के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने कहा कि यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए की जा रही है। लंबे समय से खाली चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में नियुक्तियां होने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
स्थानीय महिलाओं को मिलेगा प्राथमिकता का लाभ
भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय निवास को विशेष महत्व दिया गया है। विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदन करने वाली अभ्यर्थी का उसी राजस्व ग्राम का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा, जहां संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र स्थित है। वहीं शहरी क्षेत्रों में आवेदन करने वाली महिला को संबंधित वार्ड क्षेत्र का निवासी होना आवश्यक होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और आंगनबाड़ी सेवाओं को समुदाय से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाली अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना निर्धारित की गई है। विभाग का मानना है कि बेहतर शैक्षणिक योग्यता से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
पूरी तरह ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में नियुक्तियां होने से प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से रिक्त पदों के कारण कई क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। नई भर्ती के बाद इन केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
रोजगार के साथ सामाजिक सेवा का अवसर
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का दायित्व केवल सरकारी योजनाओं के संचालन तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे समाज में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता, बाल शिक्षा और महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यह भर्ती प्रदेश की हजारों महिलाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ समाज सेवा का भी एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। विभाग ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले भर्ती से संबंधित दिशा-निर्देशों और पात्रता की शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन पूरा करें।

