मसूरी में अल्ट्रा मैराथन का दूसरा संस्करण 29 नवंबर को.
50 KM तक की दौड़ में उतरेंगे धावक..
उत्तराखंड: मसूरी अब सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती और ठंडे मौसम के लिए ही नहीं, बल्कि फिटनेस और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में 29 नवंबर को मसूरी अल्ट्रा मैराथन के दूसरे संस्करण का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों के तहत नगर पालिका सभागार में मैराथन की आधिकारिक टी-शर्ट लॉन्च की गई। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और मसूरी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं आयोजन समिति से जुड़े संदीप साहनी ने टी-शर्ट का अनावरण किया। आयोजकों के मुताबिक इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में धावकों के मसूरी पहुंचने की उम्मीद है।
टॉम ऑल्टर के सपने से जुड़ा आयोजन
मैराथन को दिवंगत अभिनेता और पद्मश्री टॉम ऑल्टर की उस सोच से जोड़ा जा रहा है, जिसमें वह मसूरी को रनिंग और फिटनेस गतिविधियों के लिए भी पहचान दिलाना चाहते थे। आयोजक संदीप साहनी के अनुसार टॉम ऑल्टर के जीवनकाल में यह योजना आकार नहीं ले सकी। बाद में स्थानीय लोगों ने इस विचार को आगे बढ़ाने का फैसला किया और 2025 में पहली मसूरी अल्ट्रा मैराथन आयोजित की गई। पहले संस्करण में देश के साथ विदेशी धावकों ने भी भाग लिया था। अब दूसरे संस्करण को पहले से व्यापक बनाने की तैयारी है।
1 से 50 किलोमीटर तक दौड़ की श्रेणियां
इस बार अलग-अलग स्तर के प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए कई कैटेगरी रखी गई हैं। इनमें 50 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन, 42.4 किलोमीटर फुल मैराथन, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 1 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। 50 किलोमीटर की रेस अनुभवी धावकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगी, जबकि कम दूरी की श्रेणियां फिटनेस प्रेमियों और नए प्रतिभागियों को ध्यान में रखकर रखी गई हैं आयोजक संदीप साहनी के मुताबिक अभी तक मसूरी से बाहर के 300 से अधिक धावक पंजीकरण करा चुके हैं। अब स्थानीय प्रतिभागियों के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू किया जा रहा है। आयोजकों को इस बार 600 से 700 तक प्रतिभागियों के पहुंचने की उम्मीद है। इस आयोजन के जरिए मसूरी की सड़कों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए धावकों के साथ स्थानीय प्रतिभागी भी दौड़ते नजर आएंगे।
पिछले आयोजन में पालिका अध्यक्ष ने भी लिया था हिस्सा
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि पिछले साल मैराथन को प्रतिभागियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने इसमें भाग लिया था और उन्होंने स्वयं भी 5 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के साथ मसूरी और आसपास के क्षेत्रों को नए पर्यटन अनुभव के रूप में देखने का अवसर भी देते हैं। नगर पालिका की ओर से आयोजन को आवश्यक सहयोग देने की बात कही गई है। मसूरी समुद्र तल से करीब 2,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे में यहां होने वाली मैराथन मैदानी शहरों में आयोजित सामान्य दौड़ से अलग अनुभव देती है। ऊंचाई बढ़ने पर वायुदाब कम होता है और शरीर को उपलब्ध ऑक्सीजन भी अपेक्षाकृत कम मिलती है। यही वजह है कि हाई एल्टीट्यूड पर दौड़ना प्रतिभागियों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है। आयोजकों के मुताबिक मैराथन के जरिए फिटनेस, हाई एल्टीट्यूड रनिंग और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
पर्यटन कारोबार को भी मिल सकता है फायदा
आयोजकों का कहना है कि मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावक अक्सर अकेले नहीं आते, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचते हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। आयोजन समिति को मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन, उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग का सहयोग मिल रहा है। आयोजकों की योजना आने वाले वर्षों में इस प्रतियोगिता को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की है, ताकि मसूरी को रनिंग और स्पोर्ट्स टूरिज्म से भी जोड़ा जा सके। मसूरी अल्ट्रा मैराथन का पहला संस्करण 24 नवंबर 2025 को आयोजित हुआ था। इसमें कुल 411 धावकों ने हिस्सा लिया था। विभिन्न श्रेणियों में सेना के त्वेसांग, कल्पना, योगेश, अमरदीप, आदित्य, स्वाति, राकेश रावत और बबीता रौतेला ने अपने-अपने वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था।

