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भारत भ्रमण पर रवाना हुए देवप्रयाग के मेधावी छात्र, मुख्य सचिव ने किया संवाद..

भारत भ्रमण पर रवाना हुए देवप्रयाग के मेधावी छात्र, मुख्य सचिव ने किया संवाद..

 

 

उत्तराखंड: देवप्रयाग क्षेत्र के मेधावी छात्र एक बार फिर भारत भ्रमण पर निकले हैं। गुरुवार को भ्रमण पर जाने से पहले विद्यार्थियों ने सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की। इस दौरान देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें पढ़ाई के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुझाव दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनकी मेहनत और लगन का परिणाम हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए निरंतर मेहनत करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी है।

बदलती तकनीक के दौर में विद्यार्थियों को खुद को अपडेट रखने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का दायरा काफी बढ़ गया है। अब छात्रों को केवल अपने क्षेत्र तक ही नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा करनी है। ऐसे में अपनी क्षमताओं को पहचानना और लगातार नई चीजें सीखना जरूरी है। उन्होंने मोबाइल और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों को सावधान किया। कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने में मददगार हो सकता है, लेकिन इसके गलत उपयोग से नुकसान भी हो सकता है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए।

मुख्य सचिव ने छात्रों को अपनी समस्याएं माता-पिता और शिक्षकों के साथ साझा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में तनाव और मानसिक दबाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसी परेशानी की स्थिति में अकेले निर्णय लेने के बजाय परिवार या भरोसेमंद लोगों से बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और मित्रों का चुनाव सोच-समझकर करने की भी सलाह दी। साथ ही पढ़ाई के अलावा खेल, संगीत, गायन या अपनी रुचि की अन्य गतिविधियों के लिए समय निकालने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां मानसिक तनाव कम करने के साथ व्यक्तित्व विकास में भी मदद करती हैं। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य पर फोकस रखने और खुद पर भरोसा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों, संस्कृतियों और लोगों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व और सोच के विकास में उपयोगी साबित हो सकता है।

 

 

 

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