लाटी की कलाकृति से झलकी उत्तराखंड की पहचान, पीएम मोदी हुए प्रभावित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत उस समय मंच पर जीवंत हो उठी, जब प्रधानमंत्री का स्वागत नंदा देवी राजजात से प्रेरित एक विशेष स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया। यह स्मृति चिह्न राज्य की पारंपरिक आस्था, लोक संस्कृति और कलात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम नजर आया। इस अनोखे स्मृति चिह्न को उत्तराखंड की युवा कलाकार कंचन जदली ने तैयार किया है, जो ‘लाटी’ नाम से अपने रचनात्मक कार्टून और चित्रों के लिए जानी जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को यह विशेष भेंट सौंपते हुए राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सम्मानित किया।
कलाकार ने इस स्मृति चिह्न को तैयार करने में महीनों तक मेहनत की। इसमें नंदा देवी राजजात की झलक को प्रमुखता से उकेरा गया है, जो उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। पारंपरिक तत्वों और स्थानीय कला शैली को समाहित करते हुए इसे खास रूप दिया गया, जिससे यह केवल एक उपहार नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व बन गया। कंचन जदली अपने ‘लाटी’ किरदार के माध्यम से लंबे समय से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्व और जीवन शैली को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करती रही हैं। उनकी कला को पहले भी सराहना मिल चुकी है, जब उनके बनाए कार्टून को प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया था।
सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि खेल जगत की हस्तियां भी उनकी कला की प्रशंसा कर चुकी हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी उनके कार्टून को पसंद करते हुए उनसे सीधे संवाद किया था और उनकी रचनात्मकता की सराहना की थी। यह पहल न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का माध्यम बनी, बल्कि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने का भी एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

