आंगनवाड़ी केंद्र में पहुंचीं मंत्री रेखा आर्या, लाभार्थियों को बांटी गईं किट..
उत्तराखंड: महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के नंदा की चौकी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म कराई गई और महिलाओं व किशोरियों को जरूरत के अनुसार विभिन्न किट वितरित की गईं। कार्यक्रम में लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, बेबी किट और पोषण किट दी गईं। इस दौरान मंत्री ने महिलाओं और किशोरियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों की जानकारी भी ली।
आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका पर जोर
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उनके मुताबिक आंगनवाड़ी केंद्रों का काम केवल बच्चों और महिलाओं को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये केंद्र मातृ स्वास्थ्य, शिशु देखभाल, बच्चों के विकास और किशोरियों के पोषण से जुड़े कार्यों का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सीधे लाभार्थियों से जुड़कर योजनाओं की जानकारी देती हैं और पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करती हैं।
गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए योजनाओं पर फोकस
मंत्री ने कहा कि राज्य में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य व पोषण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक पोषण संबंधी सहायता पहुंचाने के साथ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी किट, बेबी किट और पोषण किट जैसी योजनाओं का उद्देश्य मातृत्व और बाल स्वास्थ्य के दौरान परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
महिलाओं से सीधे सुनी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मौजूद महिलाओं और किशोरियों से संवाद किया। उन्होंने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों और विभाग से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही महिलाओं से सुझाव भी मांगे गए, ताकि योजनाओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। मंत्री ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित हो सकता है, जब उनका क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से हो। इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बताया अहम कड़ी
रेखा आर्या ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार तथा लाभार्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं। बच्चों के पोषण की निगरानी, गर्भवती और धात्री महिलाओं की देखभाल तथा किशोरियों में स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता फैलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के काम को सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

