आगामी चुनाव की तैयारी तेज, पौड़ी में 23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच..
उत्तराखंड: आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। जिले में 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) और कंट्रोल यूनिट (CU) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) शुरू होगी। जांच को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में बुधवार को जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें जांच शुरू होने से पहले की तैयारियों की समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
10 इंजीनियर और 40 श्रमिक रहेंगे तैनात
बैठक में बताया गया कि EVM, VVPAT और कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच के लिए भारत निर्वाचन आयोग के 10 इंजीनियरों के साथ 40 श्रमिक तैनात रहेंगे। पूरी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जांच निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसका उद्देश्य मशीनों की कार्यक्षमता की जांच करना और आगामी निर्वाचन के लिए जरूरी तैयारियों को व्यवस्थित करना है। अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने अधिकारियों को जांच स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और अग्निशमन विभाग को आवश्यक इंतजाम करने के साथ पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने को कहा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को जांच स्थल पर स्वास्थ्य टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग, भवन निर्माण से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों को भी अपनी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।
कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार चंद, लोक निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता रीना नेगी, ग्रामीण निर्माण विभाग के एलपी भट्ट, विद्युत विभाग के अभिनव रावत, एसीएमओ डॉ. अमित मेहरा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसएल शाह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा और नगर पालिका पौड़ी के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का जोर जांच प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और निर्वाचन संबंधी तैयारियों को मजबूत बनाने पर है।

