फूलों की घाटी में शुरू हुई फूलों की बहार, निरीक्षण कर लौटी वन विभाग की टीम..
उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर रंग-बिरंगे फूलों की खूबसूरती से सजने लगी है। पर्यटकों के लिए आधिकारिक रूप से खुलने से पहले ही घाटी में विभिन्न प्रजातियों के फूल खिलने शुरू हो गए हैं, जिससे पूरी घाटी प्राकृतिक रंगों से सराबोर दिखाई देने लगी है। वन विभाग की निरीक्षण टीम ने घाटी का दौरा कर तैयारियों और प्राकृतिक स्थिति का जायजा लिया है। वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी चेताना कांडपाल के नेतृत्व में घाटी पहुंची थी। निरीक्षण के बाद टीम वापस लौट आई है। अधिकारियों के अनुसार घाटी में इस समय करीब दो दर्जन से अधिक प्रजातियों के फूल खिल चुके हैं और आने वाले दिनों में यहां फूलों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है।
वन विभाग का कहना है कि एक जून से घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही पर्यटक घाटी में प्रवेश करेंगे, उन्हें यहां अलग-अलग रंगों और प्रजातियों के फूलों की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी। इस समय घाटी में कोरिउलिस काशमीरियाना, हैबेनेरिया पेक्टिनाटा, अरिसेमा प्रोपिनक्वम, पोटेंटिला, अनेबिया, राजा मैक्रोफिला, रोजा सेरसिया, थमोप्सिस बारबाटा, जिम्नाडेनिया, आर्किडिस, सिरिगा इमोडी, प्रिमुला, एंडोसे और लैनुगिनोमा जैसी कई दुर्लभ और आकर्षक प्रजातियों के फूल खिल चुके हैं। वन विभाग के अनुसार जुलाई और अगस्त के बीच घाटी अपने चरम सौंदर्य पर पहुंचती है, जब यहां लगभग 300 प्रजातियों के फूल एक साथ खिलते हैं।
हिमालय की गोद में बसी यह घाटी अपनी जैव विविधता और दुर्लभ पुष्प प्रजातियों के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां प्रकृति की अद्भुत सुंदरता देखने पहुंचते हैं। बर्फ पिघलने और मौसम अनुकूल होने के साथ ही घाटी में हरियाली और फूलों की रंगत तेजी से बढ़ने लगी है। वन विभाग का कहना है कि इस बार भी पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रैकिंग मार्गों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभाग सतर्क है ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता सुरक्षित बनी रहे।

