आईएमए में ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड की तैयारी, महिला कैडेट्स भी होंगी शामिल..
उत्तराखंड: देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी में होने वाली पासिंग आउट परेड को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार का समारोह कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और नए सैन्य अधिकारियों को सलामी देंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए आईएमए परिसर में सुरक्षा और आयोजन संबंधी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार की पासिंग आउट परेड में महिला कैडेट्स की भागीदारी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आईएमए इसे अपने इतिहास के एक गौरवशाली और प्रेरणादायक क्षण के रूप में देख रहा है। सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे और देश सेवा की जिम्मेदारी संभालेंगे।
परेड को लेकर कैडेट्स के बीच जबरदस्त उत्साह का माहौल है। जवान सुबह से लेकर देर शाम तक ड्रिल, मार्चिंग और अनुशासन संबंधी अभ्यास में जुटे हुए हैं। परेड के दौरान कदमताल, सलामी और विभिन्न सैन्य अभ्यासों में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लगातार प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे हैं। कैडेट्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि समारोह पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हो सके। आईएमए का इतिहास भी देश की सैन्य परंपरा में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अकादमी की स्थापना एक अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल सर फिलिप चेटवोड ने किया था। शुरुआती दौर में यहां केवल 40 जेंटलमैन कैडेट्स के प्रशिक्षण की व्यवस्था थी, लेकिन समय के साथ इसकी क्षमता लगातार बढ़ती गई।
वर्तमान में अकादमी की प्रशिक्षण क्षमता लगभग 1650 जेंटलमैन कैडेट्स तक पहुंच चुकी है। अब तक 64 हजार से अधिक कैडेट्स यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय सेना में अधिकारी बन चुके हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आईएमए की पासिंग आउट परेड देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य समारोहों में गिनी जाती है। इस अवसर पर कैडेट्स के परिवार, सैन्य अधिकारी और कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहते हैं। राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस बार के समारोह को और अधिक खास बना दिया है।

