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मेरे सपनों का उत्तराखंड’ 46 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए अपने विचार..

मेरे सपनों का उत्तराखंड’ 46 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए अपने विचार..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के विकास को लेकर स्कूली विद्यार्थियों की सोच और सुझावों को सामने लाने के लिए शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेशभर में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक 46 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध ऑनलाइन अपलोड किए हैं। अभियान के जरिए कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को राज्य के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा करने का अवसर दिया जा रहा है। सीएम ने बीते 10 अगस्त को प्रदेश के करीब तीन लाख कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद किया था। इसी दौरान उन्होंने युवाओं से उत्तराखंड के विकास को लेकर अपने विचारों को निबंध के रूप में ऑनलाइन भेजने का आह्वान किया था।

अभियान के तहत विद्यार्थियों से पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की सोच को समझने के साथ-साथ उनके उपयोगी सुझावों को भविष्य की नीतियों में शामिल करने की संभावनाएं तलाशना है।अभियान में बेहतर और प्रभावी विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को विशेष अवसर देने की योजना भी बनाई गई है। सीएम ने घोषणा की है कि 140 श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के साथ वह स्वयं और शासन के वरिष्ठ सचिव संवाद करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने विचार सीधे मुख्यमंत्री और अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके अनुभव और सुझावों पर चर्चा की जाएगी। सरकार की ओर से चयनित विद्यार्थियों को उनके करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए छात्रवृत्ति देने की बात भी कही गई है। इसके अलावा अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किए जाने की योजना है।

निबंध जमा करते ही मिल रहा प्रमाण पत्र

अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर निबंध अपलोड करने की प्रक्रिया को सरल रखा गया है। जानकारी के अनुसार निबंध जमा करते ही विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छात्रों में अभियान के प्रति उत्साह बढ़ रहा है।अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के मुताबिक यह पहल विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें राज्य के भविष्य को लेकर अपनी सोच सामने रखने का मंच भी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने इसे नई पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी ले रहे हिस्सा

अभियान में प्रदेश के सरकारी और निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार लगातार अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों से ऑनलाइन प्रविष्टियां पोर्टल पर पहुंच रही हैं। विद्यार्थियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने आसपास की समस्याओं, राज्य की संभावनाओं और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर अपने मौलिक विचार साझा करेंगे। पर्यटन से लेकर रोजगार और पर्यावरण से लेकर तकनीक तक कई विषयों पर विद्यार्थियों के सुझाव सामने आ रहे हैं। अभियान में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए निबंध ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। इसके चलते आने वाले दिनों में ऑनलाइन प्रविष्टियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

अभियान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार हर स्तर पर विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी अभियान की प्रगति पर नजर रखी जा रही है और इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को सरकार की ओर से युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने और उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के निबंध सामने आने से सरकार को राज्य के भविष्य को लेकर युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि इस पहल में विद्यार्थी केवल अपने सपनों का उत्तराखंड बताने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में संभावित बदलावों को लेकर अपने सुझाव भी दे रहे हैं। अब 24 अगस्त के बाद प्राप्त प्रविष्टियों में से श्रेष्ठ विचारों का चयन और उन्हें नीति स्तर पर चर्चा में शामिल करना इस अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।

 

 

 

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