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आईएमए की पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, तैयारियां तेज..

आईएमए की पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, तैयारियां तेज..

 

 

 

उत्तराखंड: देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। जून माह में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड को लेकर अकादमी परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार समारोह का विशेष आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन रहेगा, जो परेड की मुख्य अतिथि के रूप में नए सैन्य अधिकारियों को संबोधित करेंगी और परेड की सलामी लेंगी। राष्ट्रपति का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है, जिसके तहत वह देहरादून पहुंचेंगी और भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में भाग लेंगी। अकादमी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, जबकि परेड स्थल को अंतिम रूप देने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

इस बार आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड कई मायनों में विशेष मानी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवा कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियों की शुरुआत करेंगे। वर्षों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और समर्पण के बाद यह वह क्षण होता है जिसका हर कैडेट बेसब्री से इंतजार करता है। परेड के बाद ये अधिकारी देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगे। समारोह की एक खास बात महिला कैडेट्स की भागीदारी भी होगी। सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और योगदान को देखते हुए यह अवसर भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। महिला कैडेट्स की उपस्थिति परेड को और अधिक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक बनाएगी।

परेड को सफल बनाने के लिए कैडेट्स इन दिनों कड़े अभ्यास में जुटे हुए हैं। अकादमी के परेड ग्राउंड पर रोजाना घंटों तक ड्रिल, मार्चिंग और सैन्य अनुशासन से जुड़े अभ्यास कराए जा रहे हैं। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लगातार प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे हैं ताकि समारोह के दिन परेड उच्चतम मानकों के अनुरूप आयोजित की जा सके। भारतीय सैन्य अकादमी देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां से प्रशिक्षित होकर निकले हजारों अधिकारी भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दशकों से आईएमए राष्ट्र को ऐसे सैन्य नेतृत्व प्रदान करता रहा है जिन्होंने युद्धकाल से लेकर शांतिकाल तक देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अकादमी की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी और तब से लेकर अब तक यह संस्था भारतीय सेना के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व तैयार करने का केंद्र बनी हुई है। समय के साथ इसकी प्रशिक्षण क्षमता और सुविधाओं में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्तमान में यहां बड़ी संख्या में कैडेट्स आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित होने वाली यह पासिंग आउट परेड न केवल नए अधिकारियों के लिए यादगार क्षण होगी, बल्कि भारतीय सैन्य परंपराओं, अनुशासन और गौरव का भी भव्य प्रदर्शन बनेगी। देहरादून में आयोजित यह समारोह देशभर के सैन्य परिवारों और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र रहेगा।

 

 

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