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राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की आय सीमा में होगा बदलाव..

राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की आय सीमा में होगा बदलाव..

राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह होगी ऑनलाइन..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयानुकूल बनाने की दिशा में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड के लिए निर्धारित आय सीमा की जल्द समीक्षा की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि राशन कार्ड बनाने के लिए लागू आय संबंधी मानक काफी पुराने हो चुके हैं। बदलती आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए इन मानकों की पुनर्समीक्षा आवश्यक हो गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक समिति गठित कर वर्तमान आय सीमा और पात्रता मानकों का विस्तृत अध्ययन किया जाए। साथ ही सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों से सुझाव प्राप्त कर नई व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तव में पात्र परिवारों को राशन योजनाओं का लाभ मिल सके और किसी जरूरतमंद को केवल पुराने नियमों के कारण वंचित न रहना पड़े। बैठक में राशन विक्रेताओं से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से हाल ही में 39 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है, जिसके बाद राशन विक्रेताओं का नवंबर माह से लंबित लाभांश भुगतान जल्द जारी किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे राशन विक्रेताओं को आर्थिक राहत मिल सके।

राशन विक्रेता संगठन के प्रतिनिधियों ने बैठक में राज्य खाद्य योजना के तहत मिलने वाले लाभांश में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। संगठन ने वर्तमान लाभांश को बढ़ाकर 180 रुपये करने का प्रस्ताव रखा। इस पर मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि सरकार जल्द इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के समक्ष रखेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए सरकार डिजिटल व्यवस्था पर विशेष जोर दे रही है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इसके बाद मैन्युअल रजिस्टरों पर आधारित व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राशन कार्ड से संबंधित कार्यों के लिए विभाग द्वारा नया सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। इस नई तकनीकी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से दो विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को बुलाया जा रहा है, जो विभागीय कर्मियों को नई प्रणाली की जानकारी देंगे। चारधाम यात्रा को देखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर भी सरकार सतर्क नजर आई। मंत्री ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले तीन माह का राशन अग्रिम रूप से उचित दर की दुकानों तक पहुंचाया जाए। उनका कहना था कि यात्रा सीजन के दौरान किसी भी क्षेत्र में राशन वितरण प्रभावित नहीं होना चाहिए और आम जनता को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

बैठक में प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वर्तमान में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। राज्य के किसी भी जिले से गैस की कमी या आपूर्ति बाधित होने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा योजनाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। आय सीमा की समीक्षा, डिजिटल राशन वितरण प्रणाली, विक्रेताओं के लंबित भुगतान और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था जैसे कदम आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

 

 

 

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