नैनीताल में हरेला पखवाड़ा शुरू, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, 19 जुलाई को कुमाऊंनी नृत्य प्रतियोगिता..
उत्तराखंड: नैनीताल में लेक सिटी वेलफेयर क्लब की ओर से संस्कृति विभाग के सहयोग से हरेला पखवाड़ा का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत और विधायक सरिता आर्या ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। हरेला पर्व की परंपरा का निर्वहन करते हुए क्लब की महिलाओं ने सात प्रकार के अनाज सूखी मिट्टी में बोए। इस दौरान वक्ताओं ने हरेला को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व हरियाली, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और लोक परंपराओं को संजोने का संदेश देता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि हरेला केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और आने वाली पीढ़ियों तक सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने का भी माध्यम है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने और पारंपरिक पर्वों को उत्साह के साथ मनाने की अपील की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने लेक सिटी वेलफेयर क्लब की ओर से किए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। विधायक सरिता आर्या ने कहा कि क्लब पिछले 17 वर्षों से हरेला जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। क्लब की महिलाओं ने पारंपरिक कुमाऊंनी झोड़ा प्रस्तुत कर कार्यक्रम में लोक संस्कृति की सुंदर झलक पेश की। लोकगीतों की प्रस्तुति पर मौजूद दर्शकों ने कलाकारों का तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। हरेला पखवाड़े के तहत आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आयोजन समिति ने बताया कि 19 जुलाई को कुमाऊंनी नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न प्रतिभागी अपनी लोक संस्कृति की प्रस्तुति देंगे।कार्यक्रम में क्लब की अध्यक्ष कविता त्रिपाठी, सचिव डॉ. प्रगति जैन, कार्यक्रम संयोजक गीता साह समेत क्लब के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

