खिलाड़ियों और आम लोगों से सुझाव लेकर बनेगी उत्तराखंड की नई खेल नीति..
उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य की नई खेल नीति को अधिक प्रभावी और खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की तैयारी में जुट गई है। इस बार नीति निर्माण की प्रक्रिया में आम नागरिकों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऐसी खेल नीति तैयार करना है, जो राज्य की खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी नई पहचान दिला सके। देहरादून में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई खेल नीति तैयार करते समय विभिन्न वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि नीति तैयार करते समय खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों के अनुभवों और जरूरतों को भी शामिल किया जा सके।
अच्छी सलाह देने वालों को किया जाएगा सम्मानित
खेल मंत्री ने कहा कि नई खेल नीति तैयार करते समय केंद्र सरकार की खेल नीति के प्रमुख प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त उपयोगी सुझावों को नई नीति में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों के सुझाव प्रभावी और व्यवहारिक पाए जाएंगे, उन्हें सम्मानित करने की भी योजना बनाई जा रही है। बैठक में राज्य के प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की प्रगति की भी समीक्षा की गई। खेल मंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि खिलाड़ियों को भविष्य में आधुनिक खेल शिक्षा और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
पदक विजेता खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी नौकरी
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए, ताकि पात्र खिलाड़ियों को समय पर नियुक्ति मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल अकादमियों में समायोजित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे अनुभवी खिलाड़ियों को रोजगार मिलने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को उनके अनुभव का लाभ भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि बदलते समय में खेलों की आवश्यकताओं को देखते हुए नई खेल नीति में आधुनिक प्रशिक्षण, खेल अवसंरचना, प्रतिभा खोज, रोजगार, पारंपरिक खेलों के संरक्षण और खिलाड़ियों के कल्याण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी उद्देश्य से इस बार नीति निर्माण में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला किया गया है।

