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स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज, मूल तैनाती स्थल पर भेजे जाएंगे अटैच कर्मचारी..

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज, मूल तैनाती स्थल पर भेजे जाएंगे अटैच कर्मचारी..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वर्षों से विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में संबद्ध होकर कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को अब अपने मूल तैनाती स्थलों पर लौटना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबद्ध कार्मिकों की व्यवस्था समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर जारी निर्देशों के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने मूल कार्यस्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में संबंधित कर्मचारियों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। विभाग ने सभी जिला और मंडलीय अधिकारियों को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हाल ही में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न संस्थानों और इकाइयों की समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय कार्यप्रणाली और मानव संसाधन की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की थी। बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित संस्थानों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों में संबद्ध होकर कार्य कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजा जाए, ताकि जहां उनकी वास्तविक आवश्यकता है वहां सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू करते हुए संबंधित आदेश जारी कर दिए।

स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था के तहत यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जून 2026 से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन तभी जारी किया जाएगा, जब उनकी उपस्थिति उनके मूल तैनाती स्थल पर दर्ज होगी। यदि कोई कर्मचारी आदेशों के बावजूद मूल कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसके वेतन भुगतान पर प्रभाव पड़ सकता है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से आदेशों के पालन में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। महानिदेशक स्तर से जारी आदेश के बाद सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों, चिकित्सा अधीक्षकों और अन्य सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीन कार्यरत संबद्ध कर्मचारियों को तत्काल मूल तैनाती स्थल पर भेजने की कार्रवाई पूरी करें। साथ ही आहरण एवं वितरण अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वेतन निर्गत करते समय कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति और तैनाती की स्थिति का सत्यापन अवश्य करें।

स्वास्थ्य विभाग में संबद्धता का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। कई कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न कारणों से अपने मूल तैनाती स्थलों के बजाय अन्य कार्यालयों या संस्थानों में कार्यरत थे। इससे कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय स्तर पर पहले भी संबद्ध कर्मचारियों को वापस भेजने के प्रयास किए गए थे, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। अब स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद विभाग ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट समय-सीमा और वेतन से जुड़ी शर्तें लागू कर दी हैं। सरकार का मानना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मूल तैनाती के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित होने से अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य व्यवस्था बेहतर होगी। विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों को इसका लाभ मिल सकता है, जहां अक्सर स्टाफ की कमी की समस्या सामने आती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य किसी कर्मचारी को परेशान करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाना है। आने वाले दिनों में आदेशों के अनुपालन की समीक्षा भी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

 

 

 

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