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केदारनाथ यात्रा- जोखिम को देखते हुए भीमबली-गरुड़चट्टी ट्रैक पर आवाजाही रोकी गई..

केदारनाथ यात्रा- जोखिम को देखते हुए भीमबली-गरुड़चट्टी ट्रैक पर आवाजाही रोकी गई..

 

 

उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने भीमबली, गरुड़चट्टी और केदारनाथ के बीच निर्माणाधीन पैदल मार्ग पर आम लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को अगले आदेश तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित पैदल मार्ग पर अभी निर्माण कार्य जारी है और मार्ग पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में इस रास्ते का उपयोग करना यात्रियों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी को देखते हुए संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्माण कार्य के बीच बढ़ा जोखिम..

अधिकारियों के अनुसार निर्माणाधीन मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां लगातार भू-स्खलन, ढलानों के खिसकने और ऊंचाई से पत्थर गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वर्तमान में कई स्थानों पर निर्माण गतिविधियां जारी हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून और बदलते मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक जोखिम और अधिक बढ़ जाते हैं। ऐसे में निर्माणाधीन मार्गों पर आवाजाही की अनुमति देना यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

जिला प्रशासन की ओर से पुलिस विभाग, आपदा प्रबंधन तंत्र और निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि मार्ग पर किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न करने दिया जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाए। यात्रा मार्ग पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी श्रद्धालु अनजाने में निर्माणाधीन रास्ते का उपयोग न करे। प्रशासन ने केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सुरक्षित यात्रा मार्गों का ही उपयोग करें। निर्माणाधीन क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसलिए जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक इस रास्ते पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ और संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहा है। संभावित आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है तथा राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में भी ऐसे एहतियाती कदम उठाए जाते रहेंगे।

 

 

 

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