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चारधाम यात्रा में लापरवाही पड़ी भारी, अंधेरे में भटके 4 श्रद्धालुओं को पुलिस ने बचाया..

चारधाम यात्रा में लापरवाही पड़ी भारी, अंधेरे में भटके 4 श्रद्धालुओं को पुलिस ने बचाया..

 

 

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस लगातार सतर्क नजर आ रही है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बीती रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब दिल्ली से आए चार श्रद्धालु मुख्य पैदल मार्ग छोड़कर शॉर्टकट के जरिए नीचे पहुंचने की कोशिश में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंस गए। अंधेरा बढ़ने और रास्ता बेहद खतरनाक होने के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ गई, जिसके बाद पुलिस और राहत टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना भीमबली और लिंचोली के बीच नदी किनारे स्थित बेहद संकरे और कठिन इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार चारों श्रद्धालु निर्धारित यात्रा मार्ग छोड़कर वैकल्पिक रास्ते से आगे बढ़ने लगे। कुछ दूरी तक जाने के बाद वे ऐसे क्षेत्र में पहुंच गए जहां आगे बढ़ना लगभग असंभव हो गया। चारों ओर अंधेरा, फिसलन भरे पत्थर और नदी का तेज बहाव स्थिति को और अधिक खतरनाक बना रहा था।

घटना की सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिस कंट्रोल रूम से निर्देश मिलने के बाद चौकी भीमबली से अपर उपनिरीक्षक यशपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। वहीं लिंचोली चौकी प्रभारी अनूप शर्मा भी अपनी टीम के साथ राहत कार्य में जुट गए। इसके साथ ही वाईएमएफ और डीडीआरएफ की टीमों को भी तत्काल सक्रिय किया गया। घने अंधेरे और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच संयुक्त टीम ने घंटों तक अभियान चलाया। राहतकर्मियों ने रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से दुर्गम इलाके में फंसे श्रद्धालुओं तक पहुंच बनाई और सावधानीपूर्वक उन्हें मुख्य यात्रा मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमों ने साहस, धैर्य और बेहतर समन्वय का परिचय दिया।

सुरक्षित बाहर निकाले गए श्रद्धालुओं में राहुल तिवारी निवासी कृष्णा नगर पूर्वी दिल्ली, रोहन रावत निवासी संगम विहार, कुमारी झंकार निवासी सीलमपुर और कुमारी निकिता निवासी संगम विहार शामिल हैं। सभी श्रद्धालुओं ने सुरक्षित बचाए जाने पर पुलिस, वाईएमएफ और डीडीआरएफ टीम का आभार जताया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि श्रद्धालु केवल निर्धारित मुख्य यात्रा मार्ग का ही उपयोग करें। पहाड़ी क्षेत्रों में शॉर्टकट या अनजान रास्तों का प्रयोग गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता केंद्र या डायल 112 पर संपर्क करें।

बता दे कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्गों पर लगातार भीड़ बढ़ रही है। इसी बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, थकान और हृदय संबंधी दिक्कतों के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चारधाम यात्रा के शुरुआती 29 दिनों में 55 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन लगातार यात्रियों से स्वास्थ्य जांच कराने, पर्याप्त आराम करने और यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

 

 

 

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