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उत्तराखंड में ANM ट्रांसफर नीति में बदलाव, गैर-कृषि भू-जल निकासी पर नई दरें लागू..

उत्तराखंड में ANM ट्रांसफर नीति में बदलाव, गैर-कृषि भू-जल निकासी पर नई दरें लागू..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों को राज्य की सरल, पारदर्शी और विकासोन्मुखी नीतियों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत देते हुए यह निर्णय लिया कि पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति से जिले के भीतर स्थानांतरण करा सकेंगे। इस फैसले से लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी और विभागीय कार्यप्रणाली भी अधिक संतुलित हो सकेगी।

भूमि अर्जन की प्रक्रिया होगी आसान..

राज्य में लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कैबिनेट ने नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। अब भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि लेने की व्यवस्था लागू होगी, जिससे भूमि अर्जन में लगने वाला समय कम होगा और अनावश्यक मुकदमेबाजी में भी कमी आएगी। सरकार का मानना है कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और विकास परियोजनाएं तेजी से धरातल पर उतर सकेंगी। कैबिनेट ने उधम सिंह नगर जिले में स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को सिडकुल (SIIDCUL) को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए देने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही सिडकुल को समान प्रयोजन के लिए भूमि को सब-लीज पर देने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

जनजाति कल्याण विभाग को मजबूती..

जनजाति कल्याण विभाग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए देहरादून, चमोली, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के चार नए पद सृजित किए गए हैं। इसके लिए सेवा नियमावली में संशोधन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इससे जनजाति बहुल क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। राज्य में गैर-कृषि उपयोग के लिए भू-जल निकासी पर नई दरें लागू करने का निर्णय लिया गया है। औद्योगिक और व्यवसायिक उपयोग के लिए 5,000 रुपये पंजीकरण शुल्क तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य भू-जल के अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।

शिक्षा और हवाई सेवाओं को बढ़ावा..

कैबिनेट ने देहरादून में जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय के रूप में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को भी स्वीकृति दी है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का केंद्र (एजुकेशन हब) बनाना है। इसके साथ ही उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टियों को नागरिक और सैन्य संचालन के लिए रक्षा मंत्रालय को लीज पर देने पर भी सहमति दी गई है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी। राज्य में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति–2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस नीति से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के समग्र विकास, निवेश प्रोत्साहन, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

 

 

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