भाजपा का चुनावी खाका तैयार, संगठन विस्तार से महिला सम्मेलन तक बनेगा जीत का रोडमैप
उत्तराखंड: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस महीने से ‘बूथ जीतो अभियान’ शुरू करने की तैयारी में है। भाजपा की राज्य कोर ग्रुप की बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधा संवाद बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कोर ग्रुप के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। करीब तीन घंटे चली बैठक में चुनाव से पहले संगठन की सक्रियता बढ़ाने और विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन किया गया। बैठक में विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विकास यात्रा शुरू करने, लखपति दीदी सम्मेलन आयोजित करने और बूथ स्तर पर संपर्क अभियान चलाने की योजना पर सहमति बनी। पार्टी ने राज्य के करीब 12 हजार मतदान केंद्रों से जुड़े मतदाताओं तक सीधा पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है।
हारी हुई सीटों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में पिछले चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाली सीटों को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी ने ऐसी 27 सीटों पर विशेष ध्यान देने की रणनीति बनाई है, जहां संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रवास कार्यक्रम तय किए जाएंगे। बैठक में कुछ क्षेत्रों में विधायकों को लेकर स्थानीय स्तर पर सामने आ रही नाराजगी पर भी चर्चा हुई। संगठन की ओर से ऐसे जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच सक्रिय रहने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
सितंबर से शुरू होंगे बड़े कार्यक्रम
भाजपा सितंबर महीने से केंद्रीय नेताओं के दौरों और जनसभाओं की तैयारी में जुटेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की संभावित जनसभाओं को लेकर भी प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में तय किया गया कि सांसद, विधायक, मंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवास करेंगे। इस दौरान उन्हें रात्रि विश्राम कर स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद स्थापित करने को कहा जाएगा। भाजपा की रणनीति विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने की है। पार्टी का लक्ष्य लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए मजबूत चुनावी माहौल तैयार करना है।

