राशन कार्ड प्रक्रिया में बड़ा सुधार, राज्य में शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन सुविधा..
उत्तराखंड: प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और पारदर्शी व आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर घोषणा की कि अगले वर्ष से राशन कार्ड बनवाने की पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी। इससे पात्र परिवारों को न सिर्फ सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रक्रिया और भी तेज, सरल और त्रुटि रहित होगी। सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्तमान प्रणाली में कुछ जगहों पर विसंगतियां और देरी की शिकायतें मिलती रही हैं। इन्हें दूर करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिससे आवेदकों को अब किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने घर या कॉमन सर्विस सेंटर से ही आवेदन कर सकेंगे। मंत्री ने विभाग को राशन विक्रेताओं की बिलिंग और भुगतान प्रक्रिया भी पूरी तरह डिजिटल करने के निर्देश दिए। इससे प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। साथ ही ऑनलाइन बिलिंग होने से राशन वितरण की मॉनिटरिंग भी आसान होगी।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नई ऑनलाइन प्रणाली को उपयोगकर्ता-friendly, सुरक्षित और तेज बनाया जाए, ताकि आम जनता को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। विभाग ने आश्वस्त किया कि तकनीकी प्लेटफॉर्म के निर्माण और परीक्षण का कार्य अंतिम चरण में है और इसे निर्धारित समय पर शुरू कर दिया जाएगा।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस वर्ष मई माह तक का लाभांश सभी जिलों में राशन वितरण कर्ताओं को जारी कर दिया गया है, जबकि आगामी तीन महीने का लाभांश भी अगले 2-3 दिनों में जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर देरी न हो और वितरण कर्ताओं को समय पर भुगतान मिलता रहे। बैठक में धान खरीद की प्रगति पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 98% धान की खरीद पूरी हो चुकी है, जो किसानों के हित में एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि प्रदेश के शेष धान उत्पादक किसानों की फसल भी एमएसपी पर खरीदी जा सके। राशन कार्ड वितरण प्रक्रिया को मानवीय संवेदनशीलता के साथ लागू करने पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि नए राशन कार्ड बनाते समय केवल आवेदन की “पुरानी तिथि” को आधार न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाए, ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों को पहले लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को विशेष वर्गों विकलांग, तलाकशुदा, परित्यकता, अनाथ, और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खाद्यान्न सुरक्षा से वंचित न रहे। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आने वाले समय में राशन कार्ड प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने वाली है, इसलिए सभी जिलों को तैयारी मजबूत करनी चाहिए, ताकि प्रदेश भर में पारदर्शी, सरल और पात्रता-आधारित प्रणाली लागू की जा सके।

